
विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद होने से आम लोगों, यात्रियों और कारोबारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन हालातों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने राहत भरा कदम उठाया है। रेलवे ने 7 मई 2026 से 31 मई 2026 तक सरायगढ़ से भागलपुर होते हुए देवघर तक एक मेमू स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन गंगा के दोनों किनारों के बीच एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में काम करेगी।
रेलवे के अनुसार, यह स्पेशल ट्रेन रोजाना दोनों दिशाओं में चलेगी। सरायगढ़ से चलने वाली ट्रेन (05573) सुबह 3:05 बजे रवाना होकर 4:30 बजे सहरसा पहुंचेगी और फिर 8:30 बजे भागलपुर होते हुए करीब 11:20 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से ट्रेन (05574) सुबह 11:35 बजे खुलेगी, दोपहर 2:20 बजे भागलपुर पहुंचेगी और सहरसा के रास्ते रात 10:15 बजे सरायगढ़ पहुंचेगी।
इस ट्रेन का रूट काफी अहम है, क्योंकि यह सुपौल, सिमरी बख्तियारपुर, खगड़िया, मुंगेर, सुल्तानगंज और बांका जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी। इससे हजारों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी यात्रा पहले से आसान हो जाएगी।
सेतु के क्षतिग्रस्त होने का सबसे ज्यादा असर कोसी और सीमांचल क्षेत्र के व्यापारियों पर पड़ा है। खासकर सहरसा, मधेपुरा और सुपौल के सिल्क कारोबारी भागलपुर तक नहीं पहुंच पा रहे थे। अब इस स्पेशल ट्रेन से उनके व्यापार को फिर से रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक दृष्टि से भी यह ट्रेन महत्वपूर्ण साबित होगी। सुल्तानगंज से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवरियों के लिए यह सुविधा काफी लाभकारी रहेगी। अब श्रद्धालु आसानी से देवघर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य लोगों की परेशानियों को कम करना और गंगा के दोनों किनारों के बीच आवागमन को सुगम बनाना है। फिलहाल यह ट्रेन अस्थायी रूप से चलाई जा रही है, लेकिन जरूरत के अनुसार इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।


