गया में ‘इश्क, जुर्म और वर्दी’ का खूनी खेल: महिला सिपाही के फेर में दो ड्राइवरों के बीच चली गोलियां; सिपाही चालक और महिला आरक्षी सस्पेंड

गया जी। मोक्ष की धरती गया में इन दिनों खाकी के भीतर पनप रहे एक विवादास्पद और खूनी प्रेम त्रिकोण ने पुलिस महकमे की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के कोतवाली थाने में तैनात एक महिला सिपाही के साथ ‘अवैध संबंधों’ की खींचतान ने दो ड्राइवरों को एक-दूसरे का जानी दुश्मन बना दिया। मामला इतना बढ़ गया कि एक निजी ड्राइवर ने पुलिस विभाग के ही सिपाही चालक के सीने में गोली उतार दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद गया की प्रभारी एसएसपी सह सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने अनुशासन और नैतिकता का डंडा चलाते हुए कड़ा रुख अपनाया है। सिटी डीएसपी सरोज कुमार शाह की जांच रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर पुलिस प्रशासन ने कोतवाली थाने में तैनात उक्त महिला सिपाही और घायल सिपाही चालक नीरज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं, जो भविष्य में उनकी सेवा समाप्ति का आधार भी बन सकता है।

परैया से शुरू हुई ‘इश्क की इबारत’ और ड्यूटी की नजदीकियां

​इस पूरे मामले की पटकथा गया जिले के परैया थाने से शुरू हुई थी। जानकारी के अनुसार, परैया थाने के पुनाकला गांव का निवासी गौतम कुमार शर्मा पिछले लंबे समय से उसी थाने में एक निजी ड्राइवर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा था। इसी दौरान, वहां एक महिला सिपाही की तैनाती हुई। ड्यूटी के दौरान गौतम और महिला सिपाही के बीच जान-पहचान बढ़ी, जो धीरे-धीरे ‘आंखें चार’ होने और फिर गहरे प्रेम संबंधों में तब्दील हो गई। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच का यह रिश्ता थाने और आसपास के इलाके में काफी समय तक चर्चा का विषय बना रहा।

​हालांकि, समय के साथ महिला सिपाही का तबादला गया शहर के कोतवाली थाने में हो गया। तबादले के बाद रिश्तों के समीकरण भी बदलने लगे। कोतवाली थाने में पदस्थापित सिपाही चालक नीरज कुमार के साथ महिला सिपाही की नजदीकियां बढ़ने लगीं। इसी ‘तीसरे शख्स’ की एंट्री ने पुराने प्रेमी गौतम कुमार शर्मा के भीतर प्रतिशोध की आग भड़का दी। गौतम को जब यह पता चला कि जिस महिला सिपाही के लिए वह पागल था, वह अब नीरज के साथ रिश्ते में है, तो उसने इस त्रिकोण को खत्म करने के लिए खूनी रास्ता चुनने का फैसला कर लिया।

पितामहेश्वर में अहले सुबह गूंजी गोली, घायल सिपाही ने खुद चलाई बाइक

​खूनी संघर्ष की यह वारदात शनिवार की अहले सुबह करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच हुई। स्थान था सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का पितामहेश्वर मुहल्ला, जहाँ हिसुआ कोठी गली के एक मकान में उक्त महिला सिपाही किराए पर रहती थी। गौतम कुमार शर्मा चोरी-छिपे उस घर के पास पहुँचा, जहाँ उसे नीरज कुमार की मौजूदगी का पता चला। गुस्से में तमतमाए गौतम ने मौका पाकर सिपाही चालक नीरज कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया और उसे गोली मार दी।

​वारदात के बाद का मंजर काफी फिल्मी था। गोली लगने से बुरी तरह जख्मी होने के बावजूद नीरज कुमार ने हार नहीं मानी। खून से लथपथ होने के बाद भी वह खुद बाइक चलाकर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर दूर कोतवाली थाने पहुँचा। थाने में मौजूद अपने सहकर्मियों को उसने आपबीती सुनाई और हमलावर का नाम बताया। इसके बाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई और गंभीर रूप से घायल नीरज को तत्काल मगध मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। वर्तमान में नीरज का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है और उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार बताया जा रहा है।

पुलिस की दबिश: मोबाइल ने खोले राज, आरोपी पहुँचा जेल

​प्रभारी एसएसपी कोटा किरण कुमार ने इस घटना को पुलिस विभाग की साख पर हमला माना और तुरंत सिटी डीएसपी सरोज कुमार शाह की मॉनीटरिंग में एक विशेष टीम गठित की। पुलिस की इस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय इनपुट के आधार पर आरोपी गौतम कुमार शर्मा के पैतृक गांव पुनाकला (परैया) में शनिवार देर रात छापेमारी की। पुलिस ने घेराबंदी कर गौतम को धर दबोचा।

​गिरफ्तारी के समय गौतम के पास से उसका मोबाइल फोन भी जब्त किया गया, जो इस मामले में सबसे बड़ा सबूत साबित हुआ है। पुलिस को जब्त मोबाइल के भीतर से महिला सिपाही के साथ हुई लंबी बातचीत के कॉल रिकॉर्ड्स, कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें मिली हैं। इन साक्ष्यों ने ‘अवैध संबंधों’ की पूरी कहानी को पुख्ता कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गौतम ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि वह महिला सिपाही और नीरज के बढ़ते संबंधों से आहत था और इसी जलन में उसने गोली चलाई थी। रविवार को गौतम को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहाँ से उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।

अनुशासन का डंडा: सरकारी नौकरी में ‘गलत आचरण’ बर्दाश्त नहीं

​गया पुलिस प्रशासन ने इस मामले में केवल शूटर पर ही नहीं, बल्कि विभाग के भीतर मौजूद ‘विवादित’ चेहरों पर भी कड़ा प्रहार किया है। सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने रविवार को प्रेस वार्ता और आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरी में रहते हुए इस तरह का अनैतिक और गलत आचरण कतई स्वीकार्य नहीं है।

  • निलंबन और विभागीय जांच: कोतवाली थाने में तैनात महिला सिपाही और घायल सिपाही चालक नीरज कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
  • पुलिस लाइन किया गया मुख्यालय: निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय गया पुलिस लाइन तय किया गया है।
  • भविष्य की कार्रवाई: सिटी एसपी ने चेतावनी दी है कि विभागीय जांच के बाद इन दोनों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से विभाग की छवि धूमिल होती है और जनता का भरोसा टूटता है।

थाने के ‘प्राइवेट कल्चर’ पर भी उठ रहे सवाल

​इस घटना ने बिहार के थानों में चल रहे ‘निजी ड्राइवर’ या ‘प्राइवेट सहायकों’ के कल्चर पर भी बहस छेड़ दी है। आरोपी गौतम कुमार शर्मा एक निजी ड्राइवर था, लेकिन उसकी पहुँच थाने के भीतर इतनी गहरी थी कि उसने एक महिला सिपाही के साथ न केवल संबंध बनाए, बल्कि एक सरकारी सिपाही पर गोली चलाने की हिम्मत भी जुटा ली।

​गया के पितामहेश्वर मुहल्ले के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। मोहल्ले वासियों का कहना है कि हिसुआ कोठी गली जैसे शांत इलाके में तड़के हुई इस गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या गौतम को विभाग के किसी अन्य सदस्य का संरक्षण प्राप्त था या उसने अकेले ही इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। फिलहाल, महिला सिपाही और सिपाही चालक के सस्पेंशन ने यह संदेश दे दिया है कि वर्दी की मर्यादा सर्वोपरि है और निजी जीवन की गलतियां पेशेवर करियर को तबाह कर सकती हैं। गया पुलिस अब चार्जशीट दाखिल कर स्पीडी ट्रायल के जरिए गौतम को कड़ी सजा दिलाने की तैयारी में है।

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