
भागलपुर के बरारी स्थित श्मशान घाट में रविवार को एक भावुक और शोकपूर्ण माहौल के बीच भाई प्रवीण सिंह कुशवाहा का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर परिजनों, मित्रों, स्थानीय लोगों और राजनीतिक जगत से जुड़े कई प्रमुख नेताओं ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे कार्यक्रम में शोक की गहरी छाया देखने को मिली और हर कोई दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता नजर आया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अंतिम संस्कार में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति रही। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश राम, झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, भागलपुर के सांसद श्री अजय मंडल, भागलपुर के पूर्व विधायक श्री अजीत शर्मा, प्रभारी श्री शाहनवाज आलम सहित प्रदेश और जिला स्तर के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता इस शोक सभा में शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्न जिलों से आए कांग्रेस जिला अध्यक्ष, सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत प्रवीण सिंह कुशवाहा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और सामाजिक योगदान को याद किया। कई नेताओं ने कहा कि प्रवीण सिंह कुशवाहा एक मिलनसार और समाजसेवी व्यक्ति थे, जिन्होंने हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे बढ़कर काम किया। उनकी असमय मृत्यु से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
श्मशान घाट का माहौल बेहद भावुक था। परिजन अपने प्रियजन को खोने के दुख में व्याकुल थे, वहीं उपस्थित लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश की। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न की गई। इस दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं और वातावरण पूरी तरह शोकाकुल हो गया।
कांग्रेस नेताओं ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि पार्टी परिवार इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का नुकसान है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रवीण सिंह कुशवाहा का जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित था और उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज को जोड़ने का काम करते हैं और उनके जाने से एक खालीपन पैदा हो जाता है।
भागलपुर के सांसद अजय मंडल और पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिवंगत की स्मृतियां हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी और उनके कार्य समाज के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। प्रभारी शाहनवाज आलम ने भी परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि पार्टी हर परिस्थिति में उनके साथ है।
इस मौके पर शहर के कई सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। लोगों ने कहा कि प्रवीण सिंह कुशवाहा का व्यवहार बेहद सरल और सहज था, जिसके कारण वे हर वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय थे।
अंतिम संस्कार के दौरान धार्मिक परंपराओं का पूरी तरह पालन किया गया। मंत्रोच्चार और श्रद्धा के साथ अंतिम क्रियाएं संपन्न हुईं। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और शांति का माहौल बना रहा। यह दृश्य न केवल एक व्यक्ति के अंतिम विदाई का था, बल्कि यह समाज के सामूहिक दुख और एकजुटता का भी प्रतीक बन गया।
प्रेस विज्ञप्ति में भी इस बात का उल्लेख किया गया कि इस दुखद अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभी ने मिलकर दिवंगत को श्रद्धांजलि दी। साथ ही, ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
समाज में ऐसे अवसर लोगों को एकजुट होने और मानवीय संवेदनाओं को समझने का अवसर भी देते हैं। प्रवीण सिंह कुशवाहा के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में बसने वाले एक प्रिय और सम्मानित व्यक्तित्व थे।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में ‘ॐ शांति’ का उच्चारण करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। यह विदाई भले ही अंतिम थी, लेकिन उनकी यादें और उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।


