भारत-नेपाल सीमा पर बड़ी कार्रवाई, 11 लाख से अधिक की अवैध करेंसी के साथ दो गिरफ्तार

मोतिहारी, 2 मई 2026। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त कार्रवाई में अवैध मुद्रा के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जितना थाना क्षेत्र के जियालाला चेक पोस्ट पर की गई इस कार्रवाई में दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 11 लाख रुपये से अधिक की नेपाली और भारतीय करेंसी बरामद की गई है। यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे अवैध लेनदेन और तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई गुरुवार देर रात गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति नेपाल से भारत की ओर भारी मात्रा में नकदी लेकर प्रवेश करने वाले हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए जितना थाना पुलिस और एसएसबी की टीम ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया और जियालाला चेक पोस्ट पर सघन तलाशी शुरू की।

चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उनके बैग की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेश कुमार गुप्ता (शिकारगंज, पूर्वी चंपारण) और जयलाल राम (कलैया, जिला बारा, नेपाल) के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान नरेश कुमार गुप्ता के पास से 9,63,650 रुपये नेपाली मुद्रा और 71,410 रुपये भारतीय करेंसी बरामद की गई। वहीं दूसरे आरोपी जयलाल राम के पास से 1,10,000 रुपये नेपाली करेंसी मिली। इस तरह कुल मिलाकर 10,73,650 रुपये नेपाली और 71,410 रुपये भारतीय मुद्रा जब्त की गई। इतनी बड़ी रकम के साथ पकड़े जाने के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।

पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई थी और इसमें पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला अवैध मुद्रा लेनदेन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण यहां लोगों का आवागमन आसान है, जिसका फायदा उठाकर कई बार तस्कर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं और समय-समय पर इस तरह की कार्रवाइयों के जरिए ऐसे नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास करती हैं।

इस घटना ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा की चुनौती को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध करेंसी का इस्तेमाल कई बार हवाला, तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है। ऐसे में इस तरह की बड़ी बरामदगी से न केवल एक नेटवर्क का खुलासा होता है, बल्कि संभावित अपराधों को भी रोका जा सकता है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा कहां से आया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में और लोग शामिल हैं या नहीं। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर लोगों में चर्चा है और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं और क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत होती है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस बीच, सीमा पर निगरानी और भी कड़ी कर दी गई है। पुलिस और एसएसबी की टीम लगातार गश्त कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

कुल मिलाकर, पूर्वी चंपारण में हुई यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि सीमा पार अवैध लेनदेन और तस्करी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।

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