
दरभंगा, 2 मई 2026। बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के बीच दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान इलाके से एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कुशेश्वरस्थान पूर्वी थाना पुलिस ने गुरुवार देर रात फिल्मी अंदाज में पीछा कर विदेशी शराब से लदी एक पिकअप वैन को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में कुल 2455 बोतलें शराब बरामद की गईं, जिनकी मात्रा करीब 666.6 लीटर बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस की घेराबंदी के बावजूद चालक और खलासी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई की शुरुआत एक गुप्त सूचना से हुई थी। थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद को जानकारी मिली थी कि हसनपुर की ओर से एक पिकअप वाहन अवैध शराब की बड़ी खेप लेकर कुशेश्वरस्थान की ओर बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत रणनीति बनाकर अदलपुर के पास नाकेबंदी कर दी। जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश की।
इसके बाद पुलिस ने भी पीछा शुरू किया। कई किलोमीटर तक चली इस पीछा कार्रवाई ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। पुलिस के दबाव को बढ़ता देख चालक ने अंततः एक मकई के खेत के पास गाड़ी रोक दी और अपने साथी के साथ कूदकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। पुलिस टीम ने खेत और आसपास के इलाकों में काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन दोनों आरोपी हाथ नहीं आए।
शुक्रवार सुबह जब पुलिस ने जब्त पिकअप की तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। गिनती के दौरान कुल 2455 बोतलें मिलीं, जो ‘ऑल सीजन’ ब्रांड की बताई जा रही हैं। पुलिस ने बरामद शराब और वाहन को कब्जे में लेकर थाना परिसर में सुरक्षित रख दिया है।
थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद ने बताया कि वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई जा रही थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। पुलिस को शक है कि यह एक संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध कारोबार चला रहा है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि यह बरामदगी जिले में चल रहे बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है। इसलिए अब केवल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आने वाले दिनों में भी इसी तरह की सघन जांच और छापेमारी अभियान जारी रहेगा। खासकर सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है, जहां से अक्सर अवैध शराब की खेप राज्य में प्रवेश करती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में कानून का डर बना रहता है और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगती है। हालांकि, यह भी सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब लेकर वाहन आखिर पुलिस की नजर से बचते हुए इतनी दूर तक कैसे पहुंच गया। इस पर भी पुलिस मंथन कर रही है और अपनी निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की योजना बना रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में शराबबंदी के बाद तस्करी के नए-नए तरीके सामने आए हैं। ऐसे में पुलिस के लिए चुनौती भी बढ़ गई है। लेकिन कुशेश्वरस्थान की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि अगर खुफिया तंत्र मजबूत हो और त्वरित कार्रवाई की जाए, तो बड़े नेटवर्क को भी पकड़ा जा सकता है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध राज्य के बाहर से है या यह स्थानीय स्तर पर संचालित हो रहा था।
कुल मिलाकर, कुशेश्वरस्थान में हुई यह कार्रवाई बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे न केवल अवैध शराब कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि कानून से बचना आसान नहीं है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


