‘नीतीश मॉडल’ पर चलेगी सम्राट सरकार, 3C पर जीरो टॉलरेंस: उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी का बड़ा ऐलान

पटना, 2 मई 2026। बिहार की नई सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं को लेकर सस्पेंस अब काफी हद तक खत्म होता दिख रहा है। उप मुख्यमंत्री ने शनिवार को स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बनी सरकार पूर्व मुख्यमंत्री के ‘गवर्नेंस मॉडल’ पर ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में निरंतरता बनी रहेगी और विकास के साथ-साथ कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार की दिशा, प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के तुरंत बाद विजय चौधरी का यह बयान यह संकेत देता है कि नई सरकार पुराने अनुभव और स्थापित प्रशासनिक ढांचे को आगे बढ़ाने के पक्ष में है।

उप मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की प्राथमिकता “3C” यानी क्राइम (अपराध), करप्शन (भ्रष्टाचार) और कम्युनलिज्म (सांप्रदायिकता) पर कड़ी कार्रवाई करना है। उन्होंने कहा कि इन तीनों मुद्दों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि बिहार में सुशासन तभी स्थापित रहेगा जब कानून-व्यवस्था मजबूत हो और प्रशासन पारदर्शी तरीके से काम करे।

विजय चौधरी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद स्पष्ट किया है कि राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए नीतीश कुमार की नीतियों को ही आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान हमेशा से सामाजिक समरसता और भाईचारे के लिए रही है और सरकार इस पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने देगी।

अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर भी उप मुख्यमंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि बिहार में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए जो कार्य हुए हैं, वे अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर हैं। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यक समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और वे खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार आने वाले समय में भी इस दिशा में और काम करेगी।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए विजय चौधरी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल लगातार अल्पसंख्यकों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ कानून और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे मुद्दों को लेकर लोगों को डराने की कोशिश की गई, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी की नागरिकता नहीं छीनी गई है और सरकार सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भले ही वर्तमान में राज्य का नेतृत्व भाजपा के हाथ में है, लेकिन शासन का तरीका और दिशा पूरी तरह से नीतीश कुमार के मॉडल पर आधारित रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में बिहार में जो विकास हुआ है, वह इसी मॉडल का परिणाम है और इसे आगे बढ़ाना ही राज्य के हित में है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय चौधरी का यह बयान बिहार की राजनीति में स्थिरता का संदेश देता है। नई सरकार के गठन के बाद यह सवाल उठ रहे थे कि क्या नीतियों में बड़ा बदलाव होगा या नहीं। लेकिन इस बयान से साफ हो गया है कि सरकार निरंतरता और संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है।

इसके साथ ही यह भी माना जा रहा है कि यह बयान एनडीए के भीतर तालमेल और समन्वय को मजबूत करने का प्रयास है। नीतीश कुमार के अनुभव और प्रशासनिक दृष्टिकोण को अपनाते हुए सम्राट चौधरी की सरकार नई ऊर्जा के साथ काम करना चाहती है। इससे न केवल सरकार को स्थिरता मिलेगी, बल्कि जनता के बीच भरोसा भी बना रहेगा।

बिहार में कानून-व्यवस्था, विकास और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दे हमेशा से अहम रहे हैं। ऐसे में “3C” पर जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती भी होगी और अवसर भी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन प्राथमिकताओं को जमीन पर किस तरह लागू करती है और जनता को इसका कितना लाभ मिलता है।

कुल मिलाकर, उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार की नई सरकार बदलाव के बजाय निरंतरता पर जोर दे रही है। ‘नीतीश मॉडल’ को आधार बनाकर सम्राट सरकार राज्य को आगे ले जाने की तैयारी में है, जहां विकास, सुशासन और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी।

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