
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने कदाचार और गड़बड़ी के गंभीर आरोपों के बाद सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं।
6 जिलों में 8 FIR, 32 अभ्यर्थी बैन
आयोग ने सख्त कार्रवाई करते हुए:
- 6 जिलों में 8 एफआईआर दर्ज कराई हैं
- 32 अभ्यर्थियों को प्रतिबंधित कर दिया है
- ये अभ्यर्थी अब BPSC की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे
ब्लूटूथ से नकल की कोशिश
AEDO परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य हाईटेक उपकरणों से नकल करने की कोशिश की गई।
हालांकि प्रशासन की सतर्कता से इन कोशिशों को समय रहते विफल कर दिया गया।
10 लाख से ज्यादा उम्मीदवार थे शामिल
- परीक्षा 14 से 21 अप्रैल के बीच 9 पालियों में हुई
- कुल 935 पदों के लिए भर्ती निकली थी
- करीब 10.97 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था
यह भर्ती शिक्षा विभाग के तहत AEDO पद के लिए पहली बार आयोजित की जा रही थी।
मुंगेर से खुला नेटवर्क
परीक्षा से एक दिन पहले मुंगेर में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद पूरे नकल नेटवर्क का खुलासा हुआ।
- अब तक 36 लोगों की गिरफ्तारी
- इनमें से 22 गिरफ्तारियां मुंगेर से हुईं
EOU कर रही जांच
मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) कर रही है।
हालांकि 12 दिन बीत जाने के बाद भी इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड का पता नहीं चल पाया है।
पेपर लीक के सबूत नहीं
BPSC ने साफ किया है कि अब तक जांच में प्रश्नपत्र लीक या वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
इस कार्रवाई से साफ है कि आयोग अब परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपना रहा है।


