बुद्ध पूर्णिमा पर सीएम सम्राट चौधरी ने बुद्ध स्मृति पार्क में की पूजा-अर्चना, विश्व शांति की कामना

पटना, 01 मई 2026। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजधानी पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया और भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना कर राज्य तथा देश की सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। इस अवसर पर पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया। बौद्ध परंपरा के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बौद्ध भिक्षुओं के साथ मिलकर ध्यान साधना की और करुणा, शांति एवं अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुद्ध स्मृति पार्क में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध भंते द्वारा उन्हें बोधगया के पवित्र बोधिवृक्ष, आनंद बोधि वृक्ष तथा श्रीलंका के अनुराधापुरम से लाए गए बोधि वृक्ष की विशेष पूजा कराई गई। इन पवित्र स्थलों और वृक्षों का बौद्ध धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जो भगवान बुद्ध के ज्ञान, तपस्या और करुणा के प्रतीक माने जाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बुद्ध स्मृति पार्क स्थित पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेषों की पूजा-अर्चना की। उन्होंने स्तूप की परिक्रमा की और कुछ समय ध्यान लगाकर आत्मिक शांति का अनुभव किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन और उनके उपदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। अहिंसा, करुणा और सत्य के उनके संदेश वर्तमान समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, जब दुनिया कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बौद्ध भिक्षुओं के साथ बैठकर विश्व शांति, सामाजिक सौहार्द और मानवता की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि बिहार भगवान बुद्ध की तपोभूमि है और यहां से शांति और ज्ञान का संदेश पूरे विश्व में फैलता रहा है। उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि वे भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि बोधगया, राजगीर और पटना जैसे स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी राज्य के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विधायक रामकृपाल यादव, विधायक संजय गुप्ता, पूर्व विधायक प्रमोद सिंह चंद्रवंशी, पटना की महापौर सीता साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेश कुमार पराशर, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

बौद्ध भिक्षुओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य और आध्यात्मिक बना दिया। पूरे परिसर में मंत्रोच्चार और प्रार्थना की गूंज सुनाई दे रही थी, जिससे वातावरण पूरी तरह शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने भी भगवान बुद्ध के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

बुद्ध पूर्णिमा का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि यह समाज में शांति, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी बना। मुख्यमंत्री की उपस्थिति और उनके संदेश ने इस कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया।

इस अवसर पर यह स्पष्ट हुआ कि बिहार अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाकर ही एक बेहतर और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना संभव है, और यही संदेश इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे राज्य में फैलाने का प्रयास किया गया।

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