“अफसरशाही खत्म, अब ‘जनता राज’!” — सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, अधिकारियों को सख्त चेतावनी

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शासन व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में अब “अफसरशाही” नहीं, बल्कि “जनता राज” स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता को परेशान करने की मानसिकता छोड़ दें, अन्यथा सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।

अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी

“अफसरशाही खत्म, अब ‘जनता राज’!” — सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, अधिकारियों को सख्त चेतावनी

30 अप्रैल को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि “लटकाने और भटकाने” की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा।

6 प्रमुख बिंदुओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निम्नलिखित मुख्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा:

  • अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता पर सख्ती
  • विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना
  • समय पर और त्वरित सेवा सुनिश्चित करना
  • कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना
  • संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन
  • जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन

जनता से सीधे संवाद का निर्देश

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे रोज़ाना सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर आम लोगों की समस्याएं सुनें और उनका समाधान करें।

महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। “पुलिस दीदी” पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।

प्रशासनिक सुधार और निगरानी

  • ब्लॉक, अंचल और थानों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश
  • मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा रोज़ाना मॉनिटरिंग
  • अधिकारियों को जनता के सहयोगी की भूमिका निभाने का निर्देश

स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार

  • 1 जुलाई तक जिला अस्पतालों को उन्नत बनाने का लक्ष्य
  • 15 अगस्त तक अनुमंडल अस्पतालों में सुधार
  • मरीजों को अनावश्यक रेफर करने की प्रवृत्ति खत्म करने का निर्देश
  • 533 प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित करने की योजना

औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक जुड़ाव

राज्य के सभी जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर तेजी से काम करने को कहा गया है। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को “बिहार दर्शन” के लिए दो दिन की छुट्टी देने की घोषणा की गई है, ताकि वे राज्य के इतिहास और विरासत से जुड़ सकें।

पंचायत स्तर पर समाधान शिविर

गांव स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को “सहयोग शिविर” आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। इसकी शुरुआत 19 मई से होगी, जिसमें स्वयं मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे।


निष्कर्ष

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की यह पहल प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि यह योजना प्रभावी रूप से लागू होती है, तो इससे राज्य के गांव-गांव तक शासन की पहुंच और जनसंतोष में सुधार देखने को मिल सकता है।


 

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