​खुसरूपुर: हर्ष फायरिंग में पप्पू यादव का इकलौता सहारा छीना

फतुहा/खुसरूपुर। बिहार में ‘हर्ष फायरिंग’ की कुप्रथा एक बार फिर एक मासूम जिंदगी के लिए काल बन गई है। पटना जिले के खुसरूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैकठपुर मंदिर में रविवार, 26 अप्रैल 2026 की देर रात शादी का उल्लास उस समय मातम में बदल गया, जब जश्न के दौरान की गई अंधाधुंध गोलीबारी में एक 16 वर्षीय किशोर की जान चली गई। मृतक की पहचान डुमरी गांव निवासी पप्पू यादव के पुत्र रवि के रूप में की गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो मुख्य आरोपितों को वारदात में प्रयुक्त हथियार के साथ दबोच लिया है। सोमवार सुबह ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। यह घटना न केवल एक परिवार की तबाही है, बल्कि प्रशासन द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बावजूद हथियारों के बेलगाम प्रदर्शन पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न भी है।

शहनाइयों के बीच गूँजी गोली: मंदिर परिसर में मची भगदड़

​घटनाक्रम के अनुसार, खुसरूपुर के डुमरी गांव निवासी रामबाबू की पुत्री का विवाह संस्कार रविवार की रात ऐतिहासिक बैकठपुर मंदिर में आयोजित किया गया था। बारात पहुँचने के बाद चारों ओर खुशियों का माहौल था और लोग वैवाहिक रस्मों में मग्न थे। इसी बीच, बारात के साथ आए कुछ युवक डीजे की धुन पर थिरक रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, नाच-गाने के दौरान ही कुछ लड़कों ने उत्साह के अतिरेक में आकर अपनी दबंगई दिखाने के लिए अवैध हथियार निकाल लिए।

​डीजे के शोर के बीच अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूँज उठी। इसी क्रम में, एक गोली डांस कर रहे 16 वर्षीय रवि को जा लगी। गोली लगते ही रवि लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। जश्न का माहौल अचानक चीख-पुकार में तब्दील हो गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। जो लोग क्षण भर पहले तक नाच रहे थे, वे अब भयभीत होकर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ने लगे।

सीएचसी से पीएमसीएच तक का संघर्ष: अस्पताल में तोड़ा दम

​परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए घायल रवि को फतुहा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया। वहाँ प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने रवि की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया। रवि के शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से में गोली लगी थी, जिससे उसका काफी खून बह चुका था।

​परिजन उसे लेकर देर रात ही पीएमसीएच पहुँचे, जहाँ आपातकालीन वार्ड में उसका इलाज शुरू किया गया। हालांकि, डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद रवि को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। सोमवार को जब रवि की मौत की खबर डुमरी गांव पहुँची, तो पूरे गाँव में चूल्हा नहीं जला। मृतक रवि अपने परिवार का होनहार बालक था और उसकी इस अकाल मृत्यु ने गाँव के हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिसिया कार्रवाई: ग्रामीण एसपी और एफएसएल ने संभाली जांच

​वारदात की सूचना मिलते ही खुसरूपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। सोमवार की सुबह ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया और मंदिर परिसर में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर्ष फायरिंग एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

​पुलिस की मदद के लिए एफएसएल (FSL) की टीम ने भी मौके पर पहुँचकर जांच की है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से रक्त के नमूने, गोलियों के खोखे और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं ताकि आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। सबसे महत्वपूर्ण सफलता यह रही कि पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार को भी बरामद कर लिया है।

हर्ष फायरिंग: एक सामाजिक कोढ़ और कानूनी नाकामी?

​यह घटना एक बार फिर उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि बिहार में कड़े कानूनों के बावजूद शादियों में हथियारों का प्रदर्शन एक ‘स्टेटस सिंबल’ बना हुआ है। पुलिस मुख्यालय के बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद ग्रामीण अंचलों में शादियों के दौरान खुलेआम फायरिंग की जा रही है।

  • अवैध हथियारों की सुलभता: इस वारदात में प्रयुक्त हथियार का बरामद होना यह साबित करता है कि युवाओं के पास अवैध हथियारों की पहुँच कितनी आसान है।
  • प्रशासनिक चुनौती: मंदिर जैसे सार्वजनिक और पवित्र स्थानों पर इस तरह की घटना होना कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।
  • सामाजिक जिम्मेदारी: शादी के आयोजकों द्वारा भी ऐसे कृत्यों पर रोक न लगाना इस तरह की दुर्घटनाओं को बढ़ावा देता है।

मृतक के घर में कोहराम: पप्पू यादव का इकलौता सहारा छीना

​रवि की मौत के बाद उसके घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। उसके पिता पप्पू यादव और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। रवि अभी किशोर था और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की खुशियों का केंद्र था। डुमरी गांव के ग्रामीणों ने मांग की है कि पकड़े गए अपराधियों के खिलाफ ‘स्पीडी ट्रायल’ चलाया जाए ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा नहीं दी जाएगी, तब तक लोग इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें करते रहेंगे।

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