
पटना। नगर विकास एवं आवास विभाग ने पटना के निकट प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप ‘पाटलिपुत्र’ को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत चयनित क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से जमीन की खरीद-बिक्री और किसी भी प्रकार के भवन निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है।
राज्य सरकार द्वारा बिहार में कुल 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में पटना के आसपास पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए लगभग 800 से 1200 एकड़ भूमि का चयन किया गया है। यह परियोजना ग्रीनफील्ड मॉडल पर विकसित की जाएगी, जिसमें आधुनिक शहरी सुविधाओं को ध्यान में रखा जाएगा।
55% भूमि मूल भू-स्वामियों को लौटाई जाएगी
नगर विकास विभाग की योजना के अनुसार, चयनित भूमि का विकास एक विशेष एजेंसी द्वारा किया जाएगा। विकास कार्य के बाद कुल भूमि का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा भू-स्वामियों को उनकी हिस्सेदारी के अनुसार वापस किया जाएगा। शेष भूमि में से अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा विकास एजेंसी को बिक्री हेतु उपलब्ध कराया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक योजना की वित्तीय व्यवहार्यता के आधार पर भू-स्वामियों को लौटाई जाने वाली भूमि का निर्धारण अलग-अलग किया जाएगा। पूरी परियोजना का विकास एजेंसी अपने खर्च पर करेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी टाउनशिप
प्रस्तावित टाउनशिप में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों के साथ-साथ सड़क, नाला, पार्क, खुले मैदान और अन्य शहरी सुविधाओं का समुचित विकास किया जाएगा।
आपत्ति और सुझाव की प्रक्रिया
टाउनशिप के लिए चिन्हित क्षेत्र का प्रारूप सार्वजनिक किया जाएगा, जिसके बाद एजेंसी भूमि मालिकों के साथ बैठक कर आपत्तियाँ और सुझाव आमंत्रित करेगी। प्राप्त सुझावों के आधार पर संशोधित प्रारूप तैयार कर नगर विकास विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
भूमि पर लगी रोक
अधिसूचना के बाद चयनित क्षेत्र में भूमि की खरीद-बिक्री और निर्माण गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लागू कर दी गई है। प्रशासनिक इकाइयों और राजस्व ग्रामों की सूची भी अधिसूचना के साथ जारी की गई है।
इस परियोजना को राज्य में शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में पटना के आसपास व्यवस्थित और आधुनिक शहरी ढांचे का निर्माण संभव होगा।


