तेलडीहा मंदिर पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, पूजा-अर्चना के साथ विकास की बड़ी घोषणा

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बांका जिले के प्रसिद्ध तेलडीहा मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और इस ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल को राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बड़ी घोषणा की। उनके इस दौरे ने न केवल स्थानीय लोगों में उत्साह भर दिया, बल्कि क्षेत्र के विकास को लेकर नई उम्मीदें भी जगा दी हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और विकास के संकल्प का संगम माना जा रहा है।

रविवार को शंभुगंज प्रखंड स्थित तेलडीहा मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे पहले मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर के प्रधान पुजारी श्याम आचार्य ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई। मुख्यमंत्री करीब 20 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे और इस दौरान उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण भी किया। पूजा के दौरान उन्होंने राज्य की समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की।

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तेलडीहा मंदिर का चहुंमुखी विकास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस स्थल को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधाओं और क्षेत्र के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और दर्शन की व्यवस्था सुगम होगी। इसके साथ ही उन्होंने तिलडीहा स्थित आईबी भवन के विस्तार की योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भवन के दक्षिण दिशा में, छतहार की ओर लगभग एक एकड़ भूमि पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाएगी, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है, ताकि न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकें। उनका मानना है कि पर्यटन के विकास से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।

अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन रिवर फ्रंट और उच्चस्तरीय पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। पूर्व मंत्री एवं अमरपुर विधायक जयंत राज, बेलहर विधायक मनोज यादव, धोरैया के मनीष कुमार, मुंगेर के कुमार प्रणय और तारापुर के पूर्व विधायक राजीव कुमार सहित कई नेताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। वहीं भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त अविनाश कुमार, आईजी विवेक कुमार, डीएम नवदीप शुक्ला और एसपी उपेन्द्रनाथ वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के स्वागत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी खास उत्साह दिखाया। एक कार्यकर्ता विश्वजीत कुमार ने मुख्यमंत्री के आगमन पर 101 किलो लड्डू चढ़ाकर प्रसाद वितरण किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन मुख्यमंत्री बनने की खुशी में किया गया है और यह उनके प्रति आस्था और सम्मान का प्रतीक है।

स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि तेलडीहा मंदिर के विकास से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। लोगों का कहना है कि अगर मंदिर को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाता है, तो इससे यहां के व्यापार, रोजगार और आधारभूत संरचना में सुधार होगा।

तेलडीहा मंदिर पहले से ही क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में यदि इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाता है, तो यह बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विकास के व्यापक एजेंडे को भी सामने लेकर आया। उन्होंने यह संकेत दिया कि सरकार धार्मिक स्थलों के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।

सम्राट चौधरी के इस दौरे से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार अब छोटे और मध्यम स्तर के धार्मिक स्थलों को भी बड़े पर्यटन केंद्रों में बदलने की दिशा में काम कर रही है। यदि योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में तेलडीहा मंदिर न केवल आस्था का केंद्र रहेगा, बल्कि बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान भी हासिल कर सकता है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था, विकास और जनसंपर्क का एक प्रभावशाली उदाहरण रहा, जिसने स्थानीय लोगों में नई उम्मीद और विश्वास का संचार किया है।

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