जनसंख्या और संस्कृति पर टिप्पणी से मचा बवाल, धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर प्रतिक्रिया तेज

नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिए गए कुछ बयानों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके कथित बयान के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों में बहस तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, श्री आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्था द्वारा प्रस्तावित भारतदुर्गा शक्ति स्थल के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को अधिक बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित करना चाहिए। इस टिप्पणी को लेकर अब अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े एक ऐतिहासिक प्रसंग का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, शिवाजी महाराज युद्ध से थककर समर्थ रामदास स्वामी के पास गए थे और सत्ता छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी, हालांकि रामदास स्वामी ने उन्हें अपने कर्तव्यों का पालन करने की सलाह दी थी। यह दावा भी चर्चा का विषय बन गया है।

इसके अलावा उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत मातृशक्ति की परंपरा वाला देश है और यहां देवी शक्ति की उपासना से समाज और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सांस्कृतिक धारा शास्त्र और शस्त्र दोनों के संतुलन पर आधारित है।

इस कार्यक्रम में मौजूद संत गोविंददेव गिरी महाराज ने भी समाज में बढ़ती घटनाओं और नैतिक मूल्यों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना आवश्यक है और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना समय की जरूरत है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर विभिन्न संगठनों और सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है।

  • ये भी पढ़े..

    नेपाल में प्रिंस यादव की मौत पर गरमाई राजनीति, पप्पू यादव बोले- यह हत्या है, दोषियों पर हो कार्रवाई

    Share Add as a preferred…

    फिरोजाबाद में दोहरी मौत से मचा हड़कंप, पूर्व विधायक के बेटे ने पत्नी को गोली मारने के बाद खुद को भी मारी गोली, कई सवालों के घेरे में घटना

    Share Add as a preferred…