​कटिहार में ‘दहेज लोभियों’ का खौफनाक चेहरा: पति ने गमछे से घोंटा पत्नी का गला, सबूत मिटाने के लिए 2 किमी दूर फेंका शव; ससुराल पक्ष के तीन सदस्य गिरफ्तार

कटिहार/कोढ़ा। बिहार के कटिहार जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और ‘दहेज’ जैसी कुप्रथा के दानवीय स्वरूप को उजागर कर दिया है। जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) के किनारे शनिवार, 25 अप्रैल 2026 की सुबह एक 25 वर्षीय विवाहिता का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान संगीता कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी हत्या उसके ही पति ने महज चंद रुपयों और जेवरात की लालच में गला दबाकर कर दी। हत्या की यह वारदात जितनी बर्बर थी, इसे छुपाने की कोशिश उतनी ही शातिराना। हत्या करने के बाद आरोपी पति ने अपनी पत्नी के शव को घर से लगभग दो किलोमीटर दूर नहर के पास फेंक दिया ताकि पुलिस और ग्रामीण इसे कोई और रूप दे सकें। हालांकि, कानून के लंबे हाथों ने घटना के चंद घंटों के भीतर ही मुख्य आरोपी पति समेत सास-ससुर को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

भोर की किरणों के साथ उजागर हुआ ‘मौत का मंजर’

​घटना का खुलासा शनिवार की सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब महिनाथपुर क्षेत्र के एक स्थानीय किसान अपनी भैंस चराकर घर लौट रहे थे। कोढ़ा थाना क्षेत्र के एनएच-31 के किनारे नहर पुल के समीप उनकी नजर झाड़ियों के पास पड़े एक संदिग्ध शव पर पड़ी। शुरूआती धुंधलके में शव को देख किसान सहम गया और उसने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए। सड़क किनारे संदिग्ध अवस्था में एक युवती का शव देख लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।

​ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय कोढ़ा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुँची और घटनास्थल को सुरक्षित किया। पुलिस ने पाया कि शव के गले पर गहरे निशान थे, जो स्पष्ट रूप से गला घोंटने की ओर इशारा कर रहे थे। शव की शिनाख्त के लिए आसपास के ग्रामीणों को बुलाया गया। इसी दौरान मृतका के चचेरे देवर ने मौके पर पहुँचकर उसकी पहचान महिनाथपुर पूरब टोला निवासी संगीता कुमारी (25 वर्ष) के रूप में की। पहचान होते ही पुलिस का संदेह सीधा ससुराल वालों पर गया।

ससुराल वालों का ‘साजिशी जाल’ और पति का इकबाल-ए-जुर्म

​पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना वक्त गंवाए संगीता के घर पर छापेमारी की। शुरुआती जांच में ही पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले जिससे यह स्पष्ट हो गया कि संगीता की मौत कोई सामान्य घटना या बाहर की दुश्मनी नहीं, बल्कि घर के भीतर की गई हत्या है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति सूरज कुमार, ससुर टुनटुन सिंह और सास साखो देवी को हिरासत में ले लिया।

​कोढ़ा पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी पति सूरज कुमार ज्यादा देर तक पुलिस को गुमराह नहीं कर सका। सूत्रों के अनुसार, सूरज ने अपना गुनाह स्वीकार करते हुए बताया कि उसने शनिवार की रात घर में ही एक गमछे से गला दबाकर संगीता की हत्या की थी। हत्या के बाद वह काफी घबरा गया था और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसने रात के अंधेरे में ही शव को साइकिल या अन्य माध्यम से (जिसकी जांच जारी है) घर से 2 किलोमीटर दूर हाईवे के किनारे फेंक दिया था। उसका मानना था कि दूर शव फेंकने से पुलिस इसे किसी सड़क हादसे या अज्ञात हमलावरों की करतूत मान लेगी।

2023 की शादी और 5 लाख का ‘खूनी’ मोल

​संगीता और सूरज की शादी वर्ष 2023 में बड़ी धूमधाम से हुई थी। संगीता के माता-पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन शादी के कुछ महीने बीतते ही ससुराल पक्ष का असली चेहरा सामने आने लगा। मृतका के पिता और परिजनों ने पुलिस को दिए अपने बयान में अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, शादी के बाद से ही संगीता को 5 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषणों के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

​संगीता के परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार आपसी सुलह की कोशिश की, लेकिन सूरज और उसके माता-पिता की मांग कम होने का नाम नहीं ले रही थी। संगीता को अक्सर भूखा रखा जाता था और उसे अपने मायके से पैसे लाने के लिए मजबूर किया जाता था। पिता का आरोप है कि दहेज की इसी भूख ने उनके दामाद को हत्यारा बना दिया। एक साल के भीतर ही एक हंसती-खेलती बेटी को कफन में देखना परिवार के लिए ऐसा सदमा है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।

पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

​कोढ़ा थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने मृतका के पिता के आवेदन के आधार पर हत्या और दहेज प्रताड़ना की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों—पति सूरज कुमार, ससुर टुनटुन सिंह और सास साखो देवी—को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें स्वास्थ्य जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

​शव को कब्जे में लेकर कटिहार सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक समय और तकनीक (Strangulation details) की पुष्टि हो जाएगी। साथ ही, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शव को 2 किलोमीटर दूर ले जाने में क्या सूरज के साथ कोई और भी शामिल था। इस घटना के बाद महिनाथपुर गांव में तनावपूर्ण शांति है और ग्रामीण दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

समाज के माथे पर ‘दहेज’ का कलंक

​संगीता कुमारी की मौत केवल एक पुलिस रिकॉर्ड की फाइल नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की उस सड़ी-गली मानसिकता का परिणाम है जहाँ एक बहू को लक्ष्मी नहीं, बल्कि धन उगाही का स्रोत समझा जाता है। 2026 में भी, जब हम विकसित बिहार और आत्मनिर्भर समाज की बात कर रहे हैं, एक 25 वर्षीय युवती का महज 5 लाख रुपये के लिए गला घोंट दिया जाना यह दर्शाता है कि शिक्षा और जागरूकता के दावे अभी भी धरातल से कोसों दूर हैं।

​कटिहार की यह घटना उन तमाम परिवारों के लिए एक चेतावनी है जो अपनी बेटियों को ऐसे लालची घरों में भेजते हैं जहाँ मानवीय मूल्यों से बढ़कर सोने और चांदी को महत्व दिया जाता है। सुशासन की सरकार में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह जरूर सुनिश्चित किया है कि अपराधी बच न पाएं, लेकिन संगीता के माता-पिता की सूनी गोद को कोई कानून वापस नहीं भर सकता। अब सबकी निगाहें न्यायालय के फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि दहेज के इन दानवों को क्या सजा दी जाती है।

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