
बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत मिलने के संकेत दिखाई देने लगे हैं। जहां पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार 40 डिग्री के पार जा रहा था, वहीं अब बादल, तेज हवाएं और बारिश की संभावना ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है और अगले सात दिनों के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की है।
अचानक बदला मौसम का मिजाज
शुक्रवार की सुबह से ही पटना समेत कई जिलों में मौसम बदला-बदला नजर आया। आसमान में हल्के बादल छाए रहे और तेज हवा चलने से तापमान में थोड़ी गिरावट महसूस की गई। इससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली।
हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी साफ किया है कि कुछ क्षेत्रों में अभी भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रह सकता है। खासकर उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-मध्य बिहार के इलाकों में गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है।
किन जिलों में होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, भागलपुर, बांका, जमुई और मुंगेर जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
इसके अलावा रविवार को पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों में भी बारिश के आसार जताए गए हैं। यह बारिश भले ही हल्की हो, लेकिन गर्मी से राहत दिलाने में मददगार साबित होगी।
सात दिनों तक जारी रहेगा असर
IMD ने अपनी एडवाइजरी में बताया है कि शनिवार से अगले सात दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में सीमित क्षेत्र में बारिश होगी, जबकि कुछ जगहों पर इसका प्रभाव थोड़ा ज्यादा भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि, तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन तेज गर्मी से कुछ हद तक राहत जरूर मिलेगी। मौसम के इस बदलाव से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन इलाकों में जहां लू का असर ज्यादा था।
पिछले 24 घंटे का मौसम
अगर पिछले 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बिहार में गर्मी का असर काफी तीव्र रहा है। बक्सर में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा।
वहीं, नालंदा में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 36.2 से 44.4 डिग्री के बीच रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 27.7 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।
पूर्वी चंपारण, बक्सर और शेखपुरा जैसे जिलों में लू का असर भी देखने को मिला। पटना में तेज हवाएं चलीं, जहां हवा की गति 52 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
अप्रैल के अंत तक कैसा रहेगा मौसम
24 से 30 अप्रैल के बीच राज्य के पश्चिमी और दक्षिण-मध्य हिस्सों में तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। वहीं, अन्य क्षेत्रों में तापमान 38 से 40 डिग्री के आसपास रह सकता है।
इस दौरान दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में दो से तीन दिनों तक लू चलने की भी आशंका जताई गई है। यानी मौसम में बदलाव के बावजूद गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी।
मई के पहले सप्ताह का पूर्वानुमान
मई के पहले सप्ताह यानी 1 से 7 मई के दौरान तापमान फिर से बढ़ सकता है। दक्षिण-मध्य बिहार के कुछ जिलों में तापमान 40 से 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
वहीं, उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में तापमान अपेक्षाकृत कम यानी 36 से 38 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।
लोगों के लिए क्या है सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिन के समय धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
बारिश और तेज हवा के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की भी अपील की गई है। किसानों को भी मौसम के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
किसानों और आम लोगों पर असर
इस मौसम बदलाव का असर किसानों पर भी पड़ेगा। जहां एक ओर हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं अचानक तेज हवा या आंधी नुकसान भी पहुंचा सकती है।
आम लोगों के लिए यह मौसम राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। एक ओर गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
बिहार में मौसम का यह यू-टर्न लोगों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन इसके साथ ही सतर्क रहने की जरूरत भी है। आने वाले सात दिनों में बारिश और गर्मी दोनों का असर देखने को मिलेगा।
ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और बदलते मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करें। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राहत कितनी देर तक कायम रहती है और गर्मी का असर कितना कम होता है।


