
भागलपुर में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और बेहतर तरीके से संपन्न कराने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सेंट्रल मोहर्रम कमेटी की ओर से पूर्वी जोन के लिए तीसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुहर्रम से जुड़ी तैयारियों, विभिन्न मोहल्लों की समस्याओं, अखाड़ों की आवश्यकताओं और प्रशासनिक सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मोहल्ला कमेटियों के पदाधिकारी, अखाड़ों के खलीफा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक की अध्यक्षता सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के सहसंयोजक जीनी हमीदी ने की, जबकि संचालन कमेटी के संयोजक डॉ. फारूक अली ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन कार्यकारी संयोजक महबूब आलम ने प्रस्तुत किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मुहर्रम पर्व से पहले विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए प्रशासन तक प्रभावी ढंग से बात पहुंचाना था।
मुहर्रम की तैयारियों पर हुआ व्यापक मंथन
बैठक के दौरान पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों से आए अध्यक्षों, सचिवों और अखाड़ा प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति और समस्याओं को विस्तार से रखा। वक्ताओं ने कहा कि मुहर्रम केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता और अनुशासन का भी प्रतीक है। ऐसे में पर्व के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि विभिन्न इलाकों में साफ-सफाई, जलजमाव, अतिक्रमण और मार्ग व्यवस्था जैसी समस्याओं पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है, ताकि जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
थाना प्रभारियों का किया गया सम्मान
बैठक के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर इसाकचक थाना प्रभारी आलोक कुमार तथा लोदीपुर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार को सम्मानित किया गया।
मीडिया प्रभारी मो. तकी अहमद जावेद ने दोनों अधिकारियों को अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मान प्रदान किया। वहीं सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने विभिन्न अखाड़ों के खलीफाओं को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कमेटी से जुड़े कई पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय से ही किसी बड़े आयोजन को सफल बनाया जा सकता है। पुलिस और प्रशासन की सकारात्मक भूमिका के कारण त्योहारों का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संभव हो पाता है।
जलजमाव और सफाई बनी प्रमुख चिंता
बैठक में सबसे अधिक चर्चा विभिन्न इलाकों में जलजमाव और सफाई व्यवस्था को लेकर हुई। कई प्रतिनिधियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
विशेष रूप से मूर्तिजा अली दरगाह और बड़े इमामबाड़ा क्षेत्र के आसपास जलजमाव की समस्या को गंभीर बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि मुहर्रम के दौरान इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है, इसलिए यहां जलनिकासी और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की आवश्यकता है।
इसके अलावा शाहजंगी मेला मैदान में जमा कूड़े-कचरे को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में कहा गया कि मैदान की साफ-सफाई जल्द से जल्द कराई जानी चाहिए ताकि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मियां साहब मैदान की स्थिति पर भी चर्चा
बैठक में मियां साहब मैदान में जलभराव की समस्या भी प्रमुख रूप से उठाई गई। कई प्रतिनिधियों ने कहा कि मैदान में लंबे समय से पानी जमा होने के कारण आयोजन संबंधी गतिविधियों में परेशानी हो सकती है।
कमेटी के सदस्यों ने सुझाव दिया कि संबंधित विभागों के सहयोग से जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान कर लिया जाता है तो मुहर्रम के दौरान व्यवस्थाएं बेहतर रहेंगी।
जिला प्रशासन और नगर निगम से होगी बातचीत
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सेंट्रल मोहर्रम कमेटी का प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। इस दौरान सभी समस्याओं को लिखित रूप से प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा।
कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की शिकायत करना नहीं, बल्कि त्योहार के सफल आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए समय पर समाधान सुनिश्चित करेगा।
प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सफाई, जलनिकासी और मार्ग व्यवस्था जैसी समस्याओं का समाधान हो जाता है तो श्रद्धालुओं और आम लोगों को काफी सुविधा होगी।
अतिक्रमण हटाने की मांग
बैठक में विभिन्न इमामबाड़ों और जुलूस मार्गों के आसपास अतिक्रमण की समस्या भी उठाई गई। कई वक्ताओं ने कहा कि कुछ स्थानों पर सड़क और मार्ग संकरे हो गए हैं, जिससे जुलूस के दौरान कठिनाई हो सकती है।
इस संबंध में क्षेत्रीय थाना और प्रशासन से सहयोग लेने का निर्णय लिया गया। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखना सभी की जिम्मेदारी है और त्योहार के दौरान यह और भी आवश्यक हो जाता है।
खलीफाओं के साथ विशेष बैठक की तैयारी
बैठक के दौरान इसाकचक थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि विभिन्न अखाड़ों और खलीफाओं के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इसके लिए 15 जून 2026 को सुबह 10 बजे सभी संबंधित लोगों को थाना परिसर में आमंत्रित किया गया है।
इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक मुद्दों पर चर्चा करना होगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि पहले से समन्वय स्थापित कर लिया जाए तो त्योहार के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
बैठक में नौजवान अंजुमन कमेटी और सेंट्रल मोहर्रम कमेटी से जुड़े कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शहजाद खान, मोहम्मद आसिफ खान, मोहम्मद मेराज, भोला खान, मोहम्मद हिमायू, जुम्मन अंसारी, वार्ड पार्षद जावेद अंसारी, नजाहत अंसारी, मोहम्मद सिकंदर, अब्दुल करीम अंसारी, सैफुल्लाह अंसारी, शाहबाज खान, मोहम्मद जमाल, मोहम्मद मदनी, मोहम्मद काबुल, मिंटू कलाकार, मोहम्मद मंसूर, मोहम्मद सरवर, मोहम्मद चांद, मोहम्मद शमशेर, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद चुना, मोहम्मद मुजम्मिल और अन्य कई लोग मौजूद रहे।
बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और अनुशासित तरीके से मनाने का संकल्प लिया। कमेटी के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि प्रशासन, समाज और विभिन्न कमेटियों के सहयोग से इस वर्ष भी मुहर्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होगा। भागलपुर में त्योहार की तैयारियों को लेकर गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं और विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।


