​मोकामा में प्रेम प्रसंग में अंशु की नृशंस हत्या;प्रेमिका की माँ बहन समेत 4 गिरफ्तार

मोकामा/बाढ़। बिहार के मोकामा में एक 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस ने चौकाने वाला खुलासा किया है। यह पूरी वारदात न केवल प्रेम प्रसंग से जुड़ी है, बल्कि इसे अंजाम देने के पीछे एक ऐसे कुख्यात अपराधी का हाथ है जिसका इतिहास पादरियों पर जानलेवा हमलों और हत्याओं से भरा रहा है। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को मोकामा पुलिस ने मोदनगाछी निवासी अंशु कुमार हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस जघन्य अपराध में किशोर की प्रेमिका के माता-पिता और उसकी बड़ी बहन की संलिप्तता ने रिश्तों की मर्यादा और समाज में बढ़ती आपराधिक मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच में यह साफ हो गया है कि किशोर की हत्या किसी आवेश का परिणाम नहीं, बल्कि एक शातिर अपराधी द्वारा बुनी गई सोची-समझी साजिश थी, जिसे ‘ऑनर किलिंग’ और प्रतिशोध का मिला-जुला रूप कहा जा सकता है।

वारदात की पृष्ठभूमि: प्रेम प्रसंग और खूनी प्रतिशोध

​मोकामा के मोदनगाछी का रहने वाला 16 वर्षीय अंशु कुमार 20 मार्च 2026 से लापता था। अंशु के पिता विनोद दास ने अपने पुत्र की काफी खोजबीन की और जब कोई सुराग नहीं मिला, तो 23 मार्च को स्थानीय थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंशु का एक किशोरी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस रिश्ते से किशोरी का परिवार, विशेषकर उसका मुंहबोला चाचा ज्ञान प्रकाश उर्फ ज्ञानी दास, बेहद खफा था।

​ज्ञान प्रकाश इलाके का एक पुराना और कुख्यात अपराधी है। उसने अपनी भतीजी के प्रेम प्रसंग को अपनी प्रतिष्ठा पर चोट माना और अंशु को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। पुलिस के अनुसार, ज्ञान प्रकाश ने ही इस पूरी हत्या की पटकथा तैयार की थी। उसने सबसे पहले अपनी भतीजी को कोडरमा भेज दिया ताकि वह अंशु से संपर्क न कर सके और घटना के समय वहां मौजूद न रहे। इसके बाद उसने अंशु को अपने जाल में फंसाने के लिए उसे शादी का झांसा दिया।

साजिश का जाल: शादी के नाम पर बुलाया और कर दी हत्या

​20 मार्च को ज्ञान प्रकाश ने अंशु को फोन कर विश्वास दिलाया कि वह उन दोनों की शादी करा देगा। इसी बहाने उसने अंशु को बख्तियारपुर बुलाया। मासूम किशोर अपने भविष्य के सपने संजोए बख्तियारपुर पहुँचा, जहाँ ज्ञान प्रकाश उसे अपने दोस्त विजय कुमार और अन्य सहयोगियों के हवाले कर दिया।

​ज्ञान प्रकाश के निर्देश पर विजय कुमार और उसके साथी अंशु को एक कार में बिठाकर नालंदा के हरनौत थाना क्षेत्र की ओर ले गए। रास्ते में ही अपराधियों ने किशोर के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। अंशु की गला रेतकर और पेट चीरकर अत्यंत क्रूरता के साथ हत्या कर दी गई। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को हरनौत के एक सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। हरनौत पुलिस को एक माह पूर्व एक अज्ञात किशोर का शव मिला था, जिसकी पहचान अब जाकर मोकामा पुलिस की जांच में अंशु कुमार के रूप में हुई है।

मास्टरमाइंड का खौफनाक इतिहास: पादरियों पर हमलों का आरोपी

​इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी ज्ञान प्रकाश अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, लेकिन उसका आपराधिक इतिहास किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:

  • 2005 की वारदात: अप्रैल 2005 में ज्ञान प्रकाश ने मोकामा कैथोलिक चर्च के फादर मैथ्यू उजुथल पर जानलेवा हमला किया था। उसने चाकू से फादर की गर्दन काट दी थी, जिसके तीन सप्ताह बाद कुर्जी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
  • 2011 का हमला: वर्ष 2011 में उसने फादर माइकल इग्नेशियस पर भी हमला करवाया था।
  • संगीन मामले: ज्ञान प्रकाश पर मोकामा सहित विभिन्न थानों में हत्या और जानलेवा हमले के कई संगीन मामले दर्ज हैं।

​पुलिस का मानना है कि एक पेशेवर अपराधी होने के कारण उसने अंशु की हत्या के लिए भी उसी तरह की क्रूरता का चुनाव किया जैसे वह पहले भी करता आया है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में सघन छापेमारी कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई: चार गिरफ्तार, अहम साक्ष्य बरामद

​बाढ़ एसडीपीओ-2 रामकृष्ण ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि अंशु के लापता होने के बाद से ही पुलिस की एक टीम तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर काम कर रही थी। अंशु के परिजनों का शक शुरू से ही प्रेमिका के परिवार पर था क्योंकि वे उनके संपर्क में थे। पुलिस ने जब कड़ी पूछताछ शुरू की और संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड खंगाले, तो कड़ियाँ जुड़ती चली गईं।

गिरफ्तार किए गए लोग:

  1. विजय कुमार: यह पटना सिटी के चौक थाना क्षेत्र के हुमाद गली का रहने वाला है और ज्ञान प्रकाश का खास सहयोगी है। इसे सबसे पहले दबोचा गया, जिसकी निशानदेही पर अन्य गिरफ्तारियां हुईं।
  1. किशोरी के पिता
  1. किशोरी की माता
  1. किशोरी की बड़ी बहन

बरामदगी:

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू, हत्या के लिए प्रयुक्त कार, पांच मोबाइल फोन और मृतक अंशु का चप्पल भी बरामद कर लिया है। ये सभी चीजें न्यायालय में साक्ष्य के रूप में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

समाज के लिए चेतावनी: एक किशोर का दुखद अंत

​16 साल की उम्र, जो पढ़ने-लिखने और जीवन को समझने की होती है, उसमें अंशु कुमार का ऐसा अंत समाज की क्रूर हकीकत को बयां करता है। प्रेम प्रसंग के प्रति परिवार का विरोध अक्सर संवाद की कमी और झूठी शान के कारण हिंसा का रूप ले लेता है। इस मामले में तो एक पेशेवर अपराधी का हस्तक्षेप आग में घी का काम कर गया। मोकामा पुलिस ने भले ही 24 घंटे की सक्रियता और एक माह की जांच के बाद मामले का खुलासा कर दिया हो, लेकिन विनोद दास के लिए उनका बेटा कभी वापस नहीं आएगा।

​वर्तमान में, पुलिस फरार कुख्यात ज्ञान प्रकाश और उस किशोरी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि ज्ञान प्रकाश की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और भी कई राज खुल सकते हैं। यह घटना क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे अपराधियों का साथ और घरेलू विवाद मिलकर एक मासूम की जान ले सकते हैं।

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