​भागलपुर में नशे के सौदागरों पर पुलिस का प्रहार: मधुसूदनपुर के दिग्धी गांव में खदेड़कर पकड़े गए 7 तस्कर; ब्राउन शुगर और नकद बरामद

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में मादक पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अपनी मुहिम को और अधिक आक्रामक बना दिया है। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 की सुबह भागलपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नशे के सात सौदागरों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। जिले के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दिग्धी गांव में हुई इस छापेमारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सिल्क सिटी की गलियों में जहर घोलने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित कोना नहीं बचा है। भागलपुर वरीय पुलिस अधीक्षक के कड़े दिशा-निर्देशों पर संचालित इस विशेष अभियान ने न केवल एक सक्रिय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, बल्कि तस्करों के पास से घातक ‘ब्राउन शुगर’ की खेप और नकद राशि भी बरामद की है। इस कार्रवाई का नेतृत्व सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह की निगरानी में गठित एक विशेष टीम ने किया, जिसने सघन घेराबंदी कर भाग रहे अपराधियों को दबोच लिया।

खुफिया इनपुट और पुलिस की घेराबंदी

​भागलपुर पुलिस को पिछले कुछ समय से मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के दिग्धी और आसपास के इलाकों में मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि कुछ स्थानीय युवक बाहर से नशीले पदार्थों की खेप लाकर गांव के भीतर ही युवाओं को निशाना बना रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने इसे ‘टॉप प्रायोरिटी’ पर रखा।

​योजना के अनुसार, सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह की निगरानी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नगर-2 के नेतृत्व में एक ‘स्ट्राइक टीम’ का गठन किया गया। इस टीम में सशस्त्र बल और सादे लिबास में पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया ताकि तस्करों को भनक न लग सके। बुधवार की तड़के जब पूरा दिग्धी गांव नींद में था, पुलिस की इस विशेष टीम ने संदिग्ध ठिकानों को चारों ओर से घेर लिया।

दिग्धी की गलियों में हाई-वोल्टेज ड्रामा: खदेड़कर पकड़े गए अपराधी

​जैसे ही पुलिस की गाड़ियां दिग्धी गांव की सीमा में दाखिल हुईं, वहां मौजूद संदिग्धों के बीच हड़कंप मच गया। पुलिस को देखते ही सात युवक अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। गांव की संकरी गलियों का फायदा उठाकर वे पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पहले से तैयार सशस्त्र बल ने मोर्चा संभाल लिया।

​पुलिसकर्मियों ने करीब आधा किलोमीटर तक इन संदिग्धों का पीछा किया। आखिरकार, पुलिस की मुस्तैदी के आगे तस्करों की एक न चली और सातों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। इस भाग-दौड़ के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस ने पेशेवर तरीके से स्थिति को नियंत्रित किया और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाल दिया।

गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल: कौन-कौन शामिल हैं इस जाल में?

​पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों की पहचान मधुसूदनपुर और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले युवाओं के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपियों की सूची इस प्रकार है:

  1. शिशु कुमार
  2. राहुल कुमार
  3. राजेश कुमार
  4. चंदन कुमार दास
  5. धर्मवीर कुमार दास
  6. सिंदु कुमार
  7. बुध नारायण ठाकुर

​इन गिरफ्तारियों में सबसे चिंताजनक बात यह है कि पकड़े गए अधिकांश लोग युवा हैं, जो समाज की मुख्यधारा से भटककर अपराध और नशे के दलदल में धंस चुके हैं। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक इतिहास और पिछले कुछ महीनों की गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है।

बरामदगी: ‘ब्राउन शुगर’ और नकद की बरामदगी

​गिरफ्तारी के बाद जब इन सातों आरोपियों की विधिवत तलाशी ली गई, तो उनके पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और अवैध कमाई के सबूत मिले। पुलिस ने इनके पास से 8.15 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में और स्थानीय स्तर पर इसकी कीमत काफी अधिक है और यह युवाओं के बीच सबसे घातक नशे के रूप में प्रचलित है।

​ब्राउन शुगर के अलावा, पुलिस ने आरोपियों के पास से 8,650 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि यह राशि नशे की पुड़िया बेचने से प्राप्त हुई थी। बरामद ड्रग्स को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि इसकी शुद्धता और स्रोत का पता लगाया जा सके।

सिटी एसपी की रणनीति: नेटवर्क के सफाए पर फोकस

​सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने इस कार्रवाई के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल सात लोगों की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह ब्राउन शुगर भागलपुर तक कैसे पहुँच रही थी।

​सिटी एसपी ने संकेत दिए हैं कि:

  • सप्लाई चेन: क्या यह माल पड़ोसी जिलों से आ रहा है या इसके तार किसी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं?
  • स्थानीय मददगार: गांव के भीतर और कौन से लोग हैं जो इन तस्करों को पनाह देते हैं?
  • वित्तीय जांच: तस्करों के बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा सकती है ताकि उनकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि भागलपुर पुलिस का लक्ष्य केवल छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि उन ‘मास्टरमाइंड्स’ तक पहुँचना है जो सीमा पार या अन्य राज्यों से इस जहर की सप्लाई सुनिश्चित करते हैं।

समाज पर प्रभाव: मधुसूदनपुर में ड्रग्स का बढ़ता जाल

​मधुसूदनपुर का दिग्धी गांव और आसपास के इलाके पिछले कुछ समय से असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बनते जा रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि नशे के कारण क्षेत्र में चोरी, छीना-झपटी और मारपीट की घटनाएं बढ़ गई थीं। ब्राउन शुगर जैसे महंगे और जानलेवा नशे की उपलब्धता ने स्थानीय छात्रों और मजदूरों के भविष्य को अंधकारमय बना दिया था।

​पुलिस की इस छापेमारी से अन्य अपराधियों में भी खौफ पैदा हुआ है। जानकारों का मानना है कि यदि ऐसी कार्रवाइयां निरंतर जारी रहती हैं, तो भागलपुर के ग्रामीण और शहरी इलाकों से मादक पदार्थों के धंधे को पूरी तरह उखाड़ फेंका जा सकता है।

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