
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले के नाथनगर इलाके से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ महज कुछ रुपयों के गुटखे का उधार न देना एक दुकानदार के लिए उसकी उम्र भर की कमाई के खाक होने का सबब बन गया। मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के भीमकित्ता चौक पर सोमवार, 20 अप्रैल 2026 की देर रात असामाजिक तत्वों ने प्रतिशोध की ऐसी आग सुलगाई कि एक गरीब का जनरल स्टोर देखते ही देखते राख के ढेर में तब्दील हो गया। विवाद की शुरुआत गुटखा उधार मांगने से हुई थी, लेकिन जब दुकानदार ने अपनी आर्थिक मजबूरी बताते हुए मना किया, तो आरोपी हिंसा पर उतर आए। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने न केवल दुकानदार के साथ मारपीट की, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से रात के अंधेरे में दुकान में आग लगा दी। इस पूरी वारदात का साक्ष्य अब पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज के रूप में मौजूद है, जिसने अपराधियों के चेहरों को बेनकाब कर दिया है।
विवाद की पटकथा: रात 10 बजे का वह खौफनाक मंजर
घटना की शुरुआत सोमवार की रात लगभग 10 बजे हुई, जब भीमकित्ता चौक स्थित जनरल स्टोर के संचालक टिंकू चौधरी अपनी दिन भर की मेहनत के बाद दुकान बढ़ाने (बंद करने) की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच इलाके के पांच युवक—राजू चौधरी, मनोज चौधरी, विशाल चौधरी, रंजन चौधरी और आदित्य चौधरी—दुकान पर आ धमके। उन्होंने टिंकू चौधरी से गुटखे की मांग की और कहा कि इसके पैसे वे बाद में देंगे यानी उधार पर सामान मांगा।
टिंकू चौधरी ने जब विनम्रतापूर्वक उधार देने से इनकार किया, तो इन युवकों का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार, युवकों ने वहीं पर गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते टिंकू चौधरी के साथ मारपीट करने लगे। शोर-शराबा सुनकर कुछ लोग इकट्ठा हुए, जिसके बाद आरोपी वहां से देख लेने की धमकी देते हुए चले गए। टिंकू चौधरी को उस वक्त शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि यह धमकी महज जुबानी नहीं थी, बल्कि एक बड़ी साजिश की शुरुआत थी।
आधी रात को ‘प्रतिशोध’ की आग: 1 बजे हुआ कांड
मारपीट के बाद टिंकू चौधरी किसी तरह अपनी दुकान बंद कर घर चले गए। लेकिन अपराधियों के सिर पर खून सवार था। रात के करीब 1 बजे, जब पूरा भीमकित्ता चौक गहरी नींद में सोया था और सड़कों पर सन्नाटा पसरा था, वही पांचों आरोपी दोबारा दुकान पर पहुँचे। साक्ष्य बताते हैं कि इन लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से दुकान में ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग कर आग लगा दी।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चूंकि जनरल स्टोर में किराना सामान, प्लास्टिक के डिब्बे और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं मौजूद थीं, इसलिए आग तेजी से फैली। जब तक आसपास के लोगों को भनक लगती और आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती, तब तक दुकान के भीतर रखा सारा कीमती सामान जलकर राख हो चुका था। टिंकू चौधरी के लिए यह केवल एक दुकान नहीं थी, बल्कि उनके परिवार के पालन-पोषण का एकमात्र सहारा था, जिसे दबंगों ने अपनी जिद के कारण जलाकर राख कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा साक्ष्य: पुलिस की कार्रवाई
मंगलवार की सुबह जब इस घटना की जानकारी मधुसूदनपुर थाना पुलिस को मिली, तो पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पीड़ित दुकानदार टिंकू चौधरी ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और साक्ष्य के तौर पर अपनी दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सौंपा। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आरोपी किस तरह रात के अंधेरे में दुकान के पास पहुँचते हैं और आग लगाने की वारदात को अंजाम देते हैं।
मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और पीड़ित के लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। नामजद पांचों आरोपियों—राजू, मनोज, विशाल, रंजन और आदित्य चौधरी—के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। थानाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया है कि साक्ष्य इतने पुख्ता हैं कि अपराधी कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे।
भागलपुर में बढ़ती गुंडागर्दी और छोटे दुकानदारों का डर
भीमकित्ता चौक की यह घटना भागलपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बढ़ती दबंगई की एक छोटी सी बानगी मात्र है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उधार के नाम पर दुकानदारों को परेशान करना और मना करने पर हिंसा पर उतारू हो जाना अब एक आम बात होती जा रही है। छोटे दुकानदार अक्सर पुलिसिया झमेले से बचने के लिए चुप रह जाते हैं, जिससे अपराधियों के हौसले और बढ़ जाते हैं।
लेकिन टिंकू चौधरी ने जिस तरह हिम्मत दिखाकर सीसीटीवी फुटेज के साथ पुलिस का दरवाजा खटखटाया है, वह सराहनीय है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गुटखे जैसे मामूली विवाद में किसी की दुकान फूंकी जा सकती है, तो फिर आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ ‘स्पीडी ट्रायल’ चलाकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
नुकसान का आकलन और पीड़ित परिवार की बेबसी
आग लगने के कारण टिंकू चौधरी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दुकान की छत, रैक और काउंटर के साथ-साथ हजारों रुपये का किराना सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है। पीड़ित दुकानदार ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर इस दुकान को खड़ा किया था और अब उनके पास जीवनयापन का कोई जरिया नहीं बचा है। प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजे की भी मांग की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समाज के कुछ तत्व आज भी मध्ययुगीन मानसिकता में जी रहे हैं, जहाँ ‘उधार’ न मिलना उन्हें अपमान जैसा लगता है और वे कानून को हाथ में लेने से नहीं हिचकिचाते। भागलपुर पुलिस के लिए अब यह चुनौती है कि वे इन पांचों फरार आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजें और समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करें।


