
मुजफ्फरपुर, 19 अप्रैल 2026। बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य को जल्द ही एक नया एयरपोर्ट मिलने जा रहा है, जिससे उत्तर बिहार के लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा। मुजफ्फरपुर के पताही में प्रस्तावित एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है और टेंडर भी फाइनल कर लिया गया है। केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जल्द ही यहां से विमान सेवा शुरू कर दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात कर पताही एयरपोर्ट परियोजना पर विस्तृत चर्चा की है। इस बैठक में एयरपोर्ट के निर्माण, जीर्णोद्धार और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और अब जमीन पर काम तेजी से शुरू होगा।
पताही एयरपोर्ट लंबे समय से उत्तर बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता रहा है। इसके शुरू होने से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण और आसपास के जिलों को सीधा हवाई संपर्क मिल सकेगा। अभी तक इन क्षेत्रों के लोगों को पटना या दरभंगा एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और लागत दोनों अधिक लगते हैं।
मंत्री के अनुसार, एयरपोर्ट के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों के लिए करीब 43 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है। इस राशि से रनवे का विस्तार, टैक्सी वे का निर्माण, विमान पार्किंग क्षेत्र, प्रशासनिक भवन और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
पताही एयरपोर्ट का टेंडर 18 मार्च 2026 को नई दिल्ली में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के कार्यालय में फाइनल किया गया था। इस टेंडर को उसी एजेंसी को दिया गया है, जिसने पूर्णिया एयरपोर्ट परियोजना पर काम किया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से और गुणवत्ता के साथ पूरा होगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अगले एक-दो सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य और तेज गति से शुरू हो जाएगा। एजेंसी के साथ जल्द ही साइट का निरीक्षण कर अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को पहले ही दूर किया जा सके।
इस एयरपोर्ट की खास बात यह होगी कि यहां से शुरुआत में छोटे विमानों की सेवा शुरू की जाएगी। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा और धीरे-धीरे इसे बड़े विमानों के संचालन के लिए भी विकसित किया जा सकता है। इसके अलावा यहां एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की भी योजना है, जिस पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण काम कर रहा है। इस केंद्र के जरिए स्थानीय युवाओं को एविएशन सेक्टर में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
पताही एयरपोर्ट परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के समग्र विकास का आधार भी बन सकती है। हवाई संपर्क बढ़ने से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी तेजी आएगी। खासकर कृषि उत्पादों के निर्यात और व्यापारिक गतिविधियों को नया प्लेटफॉर्म मिलेगा।
इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री ने हैदराबाद में आयोजित एक निवेशक सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में मुजफ्फरपुर जिले में उद्योगों के विस्तार और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बियाडा और कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले की विशेषताओं और निवेश के अवसरों को प्रस्तुत किया, जिससे कई उद्योगपतियों ने यहां निवेश में रुचि दिखाई।
मंत्री ने कहा कि हैदराबाद की कई कंपनियां मुजफ्फरपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में निवेश करना चाहती हैं। इसके अलावा रूस के एक उद्योगपति ने भी जिले में संभावनाओं को लेकर दिलचस्पी दिखाई है और इस संबंध में अधिकारियों के साथ बातचीत की है। उन्होंने बताया कि इन प्रस्तावों पर जल्द ही एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा जिले में खेल सुविधाओं के विकास को लेकर भी चर्चा हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मैदान और अन्य खेल ढांचे के निर्माण में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई है। यदि ये योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो मुजफ्फरपुर न केवल औद्योगिक बल्कि खेल और शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पताही एयरपोर्ट का निर्माण उत्तर बिहार के विकास में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इससे न केवल लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में भी मदद मिलेगी। बिहार में हाल के वर्षों में दरभंगा और गया एयरपोर्ट के विकास के बाद अब पताही एयरपोर्ट एक नई कड़ी के रूप में जुड़ने जा रहा है।
कुल मिलाकर, पताही एयरपोर्ट परियोजना बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके पूरा होने से न केवल हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि रोजगार, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि निर्माण कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और कब तक यहां से पहली उड़ान शुरू होती है।


