
पटना। रिश्तों के कत्ल और खून के आपसी संघर्ष की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना राजधानी के ग्रामीण इलाके खुसरूपुर से सामने आई है। यहाँ एक बड़े भाई ने अपने ही सगे छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की वजह अवैध संबंधों का वह शक है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। खुसरूपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार की देर रात इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया। बड़े भाई को शक था कि उसकी पत्नी और छोटे भाई के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसी रंजिश की आग में जल रहे बड़े भाई ने नशे की हालत में अपने छोटे भाई के पेट में चाकू से कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को इस घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला (भाभी) को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी भाई फिलहाल फरार है।
खून के रिश्ते पर शक की गाज: क्या है पूरा मामला?
वारदात खुसरूपुर थाना क्षेत्र के एक सुदूर गांव की है। मृतक की पहचान 19 वर्षीय शैलेश रविदास के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शैलेश और उसके बड़े भाई शत्रुध्न रविदास के बीच पिछले काफी समय से तनाव चल रहा था। इस तनाव की मुख्य वजह शत्रुध्न की पत्नी और शैलेश के बीच कथित प्रेम प्रसंग था। बताया जा रहा है कि शत्रुध्न को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था और वह अपने छोटे भाई को इसका जिम्मेदार मानता था।
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, यह विवाद महज कुछ दिनों का नहीं था। करीब दो महीने पहले यह मामला तब और बिगड़ गया था जब शैलेश अपनी भाभी को लेकर कहीं फरार हो गया था। इस घटना के बाद गांव और परिवार में काफी बदनामी हुई थी। बाद में पारिवारिक दबाव और सामाजिक हस्तक्षेप के कारण शैलेश अपनी भाभी को वापस घर छोड़ आया और खुद काम करने के लिए दिल्ली चला गया। दिल्ली में वह मजदूरी कर अपना जीवन बिता रहा था ताकि घर के कलह से दूर रह सके। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं: दिल्ली से मौत के बुलावे पर आया था शैलेश
शैलेश दिल्ली में रहकर काम कर रहा था और सब कुछ शांत लग रहा था। इसी बीच उसके पड़ोस में एक शादी तय हुई। पड़ोसियों और दोस्तों के बुलावे पर वह गुरुवार को ही दिल्ली से अपने गांव पहुँचा था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस घर में वह खुशियाँ मनाने आ रहा है, वहां उसका सगा भाई उसकी मौत का जाल बिछाए बैठा है। गुरुवार की रात गांव में शादी का जश्न चल रहा था, तभी घर के भीतर दोनों भाइयों के बीच पुरानी बातों को लेकर बहस छिड़ गई।
शत्रुध्न जो पहले से ही अपने भाई के वापस आने से गुस्से में था, उसने शराब का सेवन कर रखा था। नशे में धुत होने के कारण उसका विवेक मर चुका था। बहस इतनी बढ़ी कि शत्रुध्न ने अपना आपा खो दिया और घर में रखे तेज धारदार चाकू से शैलेश पर हमला कर दिया। उसने एक के बाद एक कई वार शैलेश के पेट में किए। हमला इतना भीषण था कि पीड़ित की आंतें बाहर निकल आईं और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
पीएमसीएच में इलाज के दौरान तोड़ा दम: पिता ने दर्ज कराई प्राथमिकी
चीख-पुकार सुनकर घर के अन्य सदस्य और पड़ोसी मौके पर पहुँचे। शैलेश की हालत देखकर सबके होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजन उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर कर दिया। पीएमसीएच में डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे और अत्यधिक खून बह जाने के कारण शुक्रवार को इलाज के दौरान शैलेश की मौत हो गई।
बेटे की मौत की खबर मिलते ही पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक बेटा दुनिया छोड़ चुका था और दूसरा कातिल बन चुका था। पीड़ित पिता ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट रूप से अपने बड़े बेटे शत्रुध्न रविदास और उसकी पत्नी को इस हत्या का जिम्मेदार ठहराया है। पिता के बयान के आधार पर खुसरूपुर थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पिता का कहना है कि अगर शत्रुध्न की पत्नी ने उसे उकसाया न होता, तो शायद यह नौबत नहीं आती।
पुलिसिया कार्रवाई और एफएसएल की जांच
घटना की सूचना मिलते ही खुसरूपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना से एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल की टीम ने मौके से खून के नमूने, फिंगरप्रिंट्स और वह हथियार बरामद करने की कोशिश की जिससे हत्या की गई थी।
एसडीपीओ-2 संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में प्रेम प्रसंग और अवैध संबंधों की बात सामने आ रही है। पुलिस ने आरोपी शत्रुध्न की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इस साजिश में वह भी शामिल थी या उसने अपने पति को भाई के खिलाफ भड़काया था। वहीं, मुख्य आरोपी शत्रुध्न रविदास वारदात के बाद से ही फरार है। पुलिस की विशेष टीमें उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
अवैध संबंधों की भेंट चढ़ती जिंदगियां: एक सामाजिक विडंबना
खुसरूपुर की यह घटना हमारे समाज के उस अंधेरे पक्ष को उजागर करती है, जहाँ अवैध संबंध और शक की वजह से खून के रिश्ते तार-तार हो रहे हैं। 19 साल का एक युवक, जिसका पूरा भविष्य उसके सामने था, महज एक संदेह और गलतफहमी की भेंट चढ़ गया। वहीं, बड़ा भाई अब उम्रकैद या फांसी की सजा के मुहाने पर खड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नशा और शक का मिश्रण कितना आत्मघाती हो सकता है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि अगर दो महीने पहले हुई घटना के बाद परिवार ने दोनों भाइयों के बीच उचित समझौता कराया होता या उन्हें अलग रहने की सलाह दी होती, तो शायद आज शैलेश जीवित होता। गांव के बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि रिश्तों में आई दरार को समय रहते नहीं भरा गया, जिसके परिणामस्वरूप यह भयावह कांड हुआ।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश
थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अपराधी को पकड़ने के लिए तकनीक का भी सहारा ले रही है। शत्रुध्न के मोबाइल लोकेशन और उसके जानकारों के जरिए सुराग जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि वह जिले से बाहर भागने की फिराक में है, इसलिए सीमावर्ती थानों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की शाम शैलेश का शव उसके गांव लाया गया, जहाँ गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाने वाला कोई नहीं था, क्योंकि घर का ही एक सदस्य जेल में है और दूसरा श्मशान घाट पहुँच चुका है। खुसरूपुर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि बहुत जल्द मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।


