
भागलपुर में शहरी विकास और प्रशासनिक कार्यों को गति देने के उद्देश्य से नगर निकायों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की, जिसमें नगर निगम, नगर परिषद और अन्य शहरी निकायों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में शहर के विकास कार्यों, राजस्व संग्रहण और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में सहित भागलपुर नगर निगम, नवगछिया और सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला गोपनीय शाखा और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान शहर में प्रस्तावित चार नए पार्कों के निर्माण को लेकर विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि पार्कों के डिजाइन, एस्टीमेट और नक्शा को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा कर ली जाए, ताकि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाना समय की जरूरत है और इससे नागरिकों को बेहतर वातावरण मिलेगा।
इसके साथ ही डीएम ने शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स और अन्य राजस्व संग्रहण को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नगर निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए राजस्व बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने को कहा गया।
बैठक में दुकानों के पंजीकरण और बिल्डिंग बायलॉज के पालन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में बिना पंजीकरण के चल रही दुकानों को चिन्हित कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भवन निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि अव्यवस्थित निर्माण और भविष्य में होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।
स्वच्छता को लेकर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में संचालित सीमेंट और सरिया विक्रेताओं के साथ बैठक कर उन्हें भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि निर्माण सामग्री के कारण सड़कों पर फैलने वाली गंदगी को रोकना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा शहर में अनियंत्रित तरीके से लगाए जा रहे बैनर और पोस्टर पर भी चिंता जताई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यह न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करता है, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर डालता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रिंटिंग प्रेस के साथ बैठक कर उन्हें नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए और बिना अनुमति के बैनर-पोस्टर लगाने पर रोक लगाई जाए।
बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति और चुनौतियों पर भी चर्चा की। कई अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार वे अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। जिलाधिकारी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारी समन्वय के साथ काम करें, ताकि बेहतर परिणाम सामने आ सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नियमित समीक्षा बैठकें प्रशासनिक कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल कार्यों की प्रगति का आकलन होता है, बल्कि समय रहते समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान भी किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों को भी इस तरह की बैठकों से उम्मीद है कि शहर में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इसी तरह सक्रियता दिखाता रहा, तो आने वाले समय में भागलपुर एक व्यवस्थित और स्वच्छ शहर के रूप में उभर सकता है।
कुल मिलाकर, भागलपुर में आयोजित यह मासिक समीक्षा बैठक शहरी विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसमें लिए गए निर्णय और दिए गए निर्देश आने वाले समय में शहर के विकास को नई दिशा देने में सहायक साबित हो सकते हैं।


