भागलपुर में ट्रक चालकों से अवैध वसूली का आरोप, बाईपास थाना अध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित

भागलपुर में पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली की शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाईपास थाना अध्यक्ष सहित कुल चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है और मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 13 जून और 14 जून 2026 की मध्य रात्रि में प्राप्त एक सूचना के आधार पर नगर पुलिस अधीक्षक, भागलपुर द्वारा बाईपास रोड के समीप यातायात व्यवस्था की जांच और विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया।

प्राथमिक जांच में यह जानकारी सामने आई कि कुछ होमगार्ड जवान और पुलिसकर्मी मिलकर ट्रकों के आवागमन एवं यातायात नियंत्रण का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ट्रक चालकों और वाहन स्वामियों ने शिकायत दर्ज कराई कि यातायात नियंत्रण और चेकिंग की आड़ में उनसे अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संबंधित कर्मी ट्रक चालकों से प्रति वाहन लगभग 200 रुपये की अवैध वसूली कर रहे थे।

शिकायत सामने आने के बाद नगर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मामले की जांच शुरू कराई। जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों की भूमिका का आकलन किया गया। इसके बाद पूरी रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, भागलपुर को सौंपी गई। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसएसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए बाईपास थाना अध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।

इस कार्रवाई को पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अक्सर यह देखा जाता है कि सड़क परिवहन क्षेत्र से जुड़े वाहन चालक विभिन्न प्रकार की परेशानियों की शिकायत करते रहते हैं। ऐसे में यदि पुलिसकर्मियों पर ही अवैध वसूली के आरोप लगते हैं, तो यह न केवल विभाग की छवि को प्रभावित करता है बल्कि आम जनता का विश्वास भी कमजोर करता है। इसी कारण विभाग ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार, भागलपुर पुलिस प्रशासन इस मामले की गहन जांच कर रहा है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है, लेकिन जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आगे और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ विभाग की साख को बरकरार रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और अधिकारों के दुरुपयोग के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी स्तर पर गलत गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।

इस घटना के सामने आने के बाद परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी चर्चा का माहौल है। ट्रक चालक और वाहन मालिक लंबे समय से विभिन्न मार्गों पर अनावश्यक रोक-टोक और कथित वसूली की शिकायतें करते रहे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने को कई लोगों ने सकारात्मक कदम बताया है। उनका मानना है कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और वाहन चालकों का विश्वास बढ़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क परिवहन देश की आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ माना जाता है। यदि मालवाहक वाहनों के संचालन में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न होती हैं या अवैध वसूली जैसी शिकायतें सामने आती हैं, तो इसका सीधा असर व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई बेहद आवश्यक है।

भागलपुर पुलिस ने भी अपने आधिकारिक संदेश में यह स्पष्ट किया है कि विभाग जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्ट आचरण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी मिले तो वे संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

फिलहाल बाईपास रोड पर कथित अवैध वसूली से जुड़े इस मामले में जांच जारी है। पुलिस विभाग की अगली कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। हालांकि शुरुआती स्तर पर की गई निलंबन की कार्रवाई ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि भागलपुर पुलिस प्रशासन विभागीय अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

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