
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक हिस्ट्रीशीटर ने “किराए की दुल्हन” और “फर्जी पुलिस रेड” का ऐसा खतरनाक खेल रचा कि कई राज्यों के दूल्हे और उनके परिवार ठगी का शिकार हो गए।
इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड अंकुर सिंह बताया जा रहा है, जिसने फिल्मी स्टाइल में पूरी टीम तैयार कर एक सुनियोजित अपराध को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि लुटेरी दुल्हन अभी भी फरार है।
कैसे रची गई ठगी की पूरी स्क्रिप्ट
इस गैंग ने ठगी के लिए एकदम प्रोफेशनल मॉडल तैयार किया था।
- सरगना अंकुर सिंह खुद फर्जी इंस्पेक्टर बनता था
- उसके साथी हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की भूमिका निभाते थे
- महिलाओं को किराए पर “दुल्हन” और “रिश्तेदार” बनाया जाता था
पूरी कहानी इतनी असली लगती थी कि किसी को शक तक नहीं होता था।
हरियाणा-राजस्थान के दूल्हों को बनाते थे निशाना
गिरोह ने हरियाणा और राजस्थान के ऐसे युवकों को टारगेट किया, जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी।
इसके लिए एक दलाल राजू शर्मा को जोड़ा गया, जो:
- ऐसे कुंवारे लड़कों को ढूंढता था
- उन्हें यूपी-बिहार की “अच्छी लड़कियों” से शादी का झांसा देता था
- फिर गोरखपुर बुला लेता था
शादी का नाटक और फिर ‘रेड’
जब दूल्हा और उसका परिवार गोरखपुर पहुंचता था, तो:
- बाकायदा शादी की रस्में कराई जाती थीं
- जयमाल (वरमाला) तक सब कुछ असली जैसा होता था
- दूल्हे का भरोसा पूरी तरह जीत लिया जाता था
लेकिन जैसे ही जयमाल खत्म होती—
अचानक कहानी पलट जाती थी।
फर्जी पुलिस की एंट्री और लूट
जयमाल के तुरंत बाद:
- अंकुर सिंह फर्जी इंस्पेक्टर बनकर पहुंचता था
- पूरी “पुलिस टीम” के साथ रेड डाली जाती थी
- दूल्हे और परिवार को डराया जाता था
उन्हें कहा जाता था कि:
- शादी अवैध है
- केस में फंस जाएंगे
- जेल जाना पड़ेगा
इस डर के माहौल में उनसे लाखों रुपये वसूले जाते थे।
पुलिस जांच में खुला पूरा खेल
इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब राजस्थान के एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने:
- गिरोह के ठिकानों पर छापेमारी की
- आरोपियों को गिरफ्तार किया
- फर्जी वर्दी, दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया
फरार ‘लुटेरी दुल्हन’ की तलाश
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की मुख्य भूमिका निभाने वाली “दुल्हन” अभी फरार है।
- वह फतेहपुर की रहने वाली बताई जा रही है
- गोरखपुर में किराए के मकान में रहती थी
- पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गई
अब उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस का बयान
मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि:
- 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है
- गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी है
- अब तक कितने लोगों को ठगा गया, इसका पता लगाया जा रहा है
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला दिखाता है कि अपराधी अब कितनी चालाकी और प्लानिंग से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- शादी जैसे संवेदनशील मामलों में सतर्क रहना जरूरी है
- बिना सत्यापन के रिश्तों पर भरोसा खतरनाक हो सकता है
- बाहरी राज्यों में शादी तय करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
गोरखपुर का यह मामला सिर्फ एक ठगी नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का उदाहरण है, जहां भावनाओं का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाया गया।
पुलिस की कार्रवाई से गिरोह का बड़ा हिस्सा पकड़ा जा चुका है, लेकिन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का खुलासा अभी बाकी है।
यह घटना एक चेतावनी भी है—कि आज के समय में भरोसा करने से पहले जांच करना बेहद जरूरी है।


