
मुंगेर: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए सॉल्वर गैंग के नेटवर्क को उजागर किया है। सहायक जिला शिक्षा विकास पदाधिकारी (ADEO) परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 18 परीक्षार्थी और 4 सॉल्वर गैंग के सदस्य शामिल हैं।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राज्य में परीक्षा माफिया अभी भी सक्रिय हैं, लेकिन प्रशासन अब सख्ती के मूड में है।
परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी, मौके पर पकड़े गए आरोपी
परीक्षा के दौरान प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर था। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अचानक छापेमारी की गई, जहां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
जांच के दौरान पाया गया कि कई परीक्षार्थी फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहे थे या नकल की कोशिश कर रहे थे। मौके पर ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जो इस नेटवर्क का हिस्सा बताई जा रही हैं।
सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा
पुलिस ने इस मामले में सिर्फ परीक्षार्थियों को ही नहीं, बल्कि सॉल्वर गैंग के 4 मुख्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है।
ये आरोपी:
- मोटी रकम लेकर परीक्षार्थियों के बदले परीक्षा देते थे
- प्रश्नपत्र हल करने में मदद करते थे
- पूरे नेटवर्क को संगठित तरीके से संचालित करते थे
पुलिस को इनके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
28 लोगों पर FIR, फरार आरोपियों की तलाश
इस मामले में कुल 28 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इनमें:
- गिरफ्तार 22 लोग
- और अन्य संदिग्ध लोग शामिल हैं, जो इस रैकेट को पर्दे के पीछे से चला रहे थे
पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार:
- सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है
- बायोमेट्रिक जांच और आईडी वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है
- केंद्राधीक्षकों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं
बिहार में बढ़ती परीक्षा धांधली पर चिंता
हाल के वर्षों में बिहार में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के मामले सामने आए हैं। ऐसे में यह कार्रवाई प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती और चेतावनी दोनों है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी
- बायोमेट्रिक सिस्टम
- और सख्त कानून
ही इस समस्या पर लगाम लगा सकते हैं।
मुंगेर में हुई यह कार्रवाई न केवल सॉल्वर गैंग के खिलाफ एक बड़ा कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अब प्रशासन परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आने वाले दिनों में इस जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।


