​पीरपैंती की सड़कों पर उतरा ‘सम्राट’ के राजतिलक का उत्साह: जमकर फूटे पटाखे, मिठाइयों से रंगा भाजपा कार्यकर्ताओं का जश्न

पीरपैंती (भागलपुर)। बिहार की राजनैतिक दिशा में आए ऐतिहासिक मोड़ ने राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक हर्ष और उल्लास की लहर दौड़ा दी है। पटना के लोकभवन में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही भागलपुर जिले के अंतिम छोर पर बसे पीरपैंती प्रखंड में उत्सव जैसा नजारा देखने को मिला। बुधवार की दोपहर जैसे ही टीवी स्क्रीन और सोशल मीडिया पर सम्राट चौधरी के पदभार ग्रहण करने की तस्वीरें साझा हुईं, पीरपैंती के मुख्य बाजारों और चौक-चौराहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। कार्यकर्ताओं ने न केवल अपनी खुशी का इजहार किया, बल्कि ढोल-नगाड़ों की थाप और गगनभेदी नारों के साथ इस बदलाव का स्वागत किया। प्रखंड के विभिन्न मंडलों से आए समर्थकों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और मिठाई खिलाकर इस क्षण को यादगार बनाया। पीरपैंती की सड़कों पर घंटों तक आतिशबाजी का दौर चलता रहा, जिससे पूरा इलाका ‘केसरिया’ रंग में डूबा नजर आया। राजनैतिक गलियारों में इस जश्न को केवल एक नेता की जीत नहीं, बल्कि ‘अंग प्रदेश’ के राजनैतिक उदय के रूप में देखा जा रहा है।

केसरिया गुलाल और पटाखों की गूँज: पीरपैंती चौक पर महाजश्न

​बुधवार की शाम पीरपैंती का मुख्य बाजार और स्टेशन रोड का नजारा पूरी तरह से बदला हुआ था। भाजपा के झंडों से सजे वाहनों और पैदल कार्यकर्ताओं के जत्थे लगातार ‘सम्राट चौधरी जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। प्रखंड मुख्यालय के पास कार्यकर्ताओं ने भारी मात्रा में पटाखे फोड़े, जिसकी गूँज काफी दूर तक सुनी गई। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थानीय पुलिस भी मुस्तैद दिखी, लेकिन कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर था।

​जश्न में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि बिहार को लंबे समय बाद एक ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो जमीन से जुड़ा है और कार्यकर्ताओं की पीड़ा को समझता है। मिठाई वितरण का कार्यक्रम इतना व्यापक था कि बाजार से गुजरने वाले हर राहगीर का मुँह मीठा कराया गया। कार्यकर्ताओं ने इसे बिहार में ‘नए युग’ की शुरुआत बताया। पीरपैंती जैसे सीमावर्ती इलाके में भाजपा का यह शक्ति प्रदर्शन यह भी बताता है कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से जमीनी स्तर पर संगठन के भीतर कितनी नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

अंग प्रदेश के गौरव की पुनर्स्थापना: स्थानीय लोगों की भावनाएं

​पीरपैंती और आसपास के क्षेत्रों में सम्राट चौधरी के प्रति एक विशेष लगाव देखा जाता है। इसका मुख्य कारण उनका ‘अंगभाषी’ होना और इस क्षेत्र की मिट्टी से उनका गहरा जुड़ाव है। जश्न के दौरान उपस्थित वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा कि सम्राट चौधरी ने अपने राजनैतिक संघर्ष के दिनों में पीरपैंती के कई दौरों में स्थानीय समस्याओं को करीब से देखा है। उनके मुख्यमंत्री बनने से अब यह उम्मीद जगी है कि भागलपुर जिले के इस अंतिम छोर तक विकास की किरणें अधिक प्रखरता के साथ पहुँचेंगी।

​स्थानीय भाजपा नेतृत्व का मानना है कि सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना ‘लव-कुश’ समीकरण और पिछड़ा वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। पीरपैंती की जनता को भरोसा है कि उनके ‘अंग के बेटे’ के शासनकाल में इस क्षेत्र की चिरलंबित मांगें, जैसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना, अब प्राथमिकता के आधार पर पूरी होंगी। जश्न के दौरान युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय थी, जो सम्राट चौधरी को अपना रोल मॉडल मान रहे हैं।

सुशासन और विकास का नया अध्याय: कार्यकर्ताओं की उम्मीदें

​पटाखे फोड़ने और जश्न मनाने के बीच कार्यकर्ताओं ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के भविष्य को लेकर अपनी उम्मीदें भी साझा कीं। कार्यकर्ताओं का एक स्वर में कहना था कि सम्राट चौधरी के पास वह विजन और आक्रामकता है जो अपराधियों और माफियाओं के मन में खौफ पैदा करने के लिए जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में राज्य में विधि-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी और विकास की रफ़्तार ‘डबल इंजन’ की गति से बढ़ेगी।

​पीरपैंती के भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व ने सम्राट चौधरी पर जो भरोसा जताया है, उस पर वे पूरी तरह से खरा उतरेंगे। कार्यकर्ताओं के अनुसार, सम्राट चौधरी केवल घोषणाएं करने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे धरातल पर एक्शन लेने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार अब प्रगति के उन आयामों को छुएगा, जिनकी प्रतीक्षा पिछले कई दशकों से की जा रही थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अब पीरपैंती जैसे प्रखंडों में भी कड़ाई से लागू होने की संभावना है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गरीबों तक पहुँच सकेगा।

संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं का सम्मान

​पीरपैंती में आयोजित इस जश्न कार्यक्रम में पार्टी के मंडल अध्यक्षों से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सम्राट चौधरी ने पटना में दिए गए अपने पहले संबोधन में जिस तरह से ‘कार्यकर्ताओं के बल पर सरकार चलाने’ की बात कही, उसका गहरा असर पीरपैंती में भी देखा गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनके परिश्रम को उचित सम्मान मिला है।

​जश्न के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री रहने से भाजपा का सांगठनिक ढांचा और भी मजबूत होगा। कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर गर्व था कि उनकी पार्टी का अपना मुख्यमंत्री अब बिहार की तकदीर लिखेगा। पीरपैंती के सुदूर गांवों से आए समर्थकों ने संकल्प लिया कि वे सरकार की जनहितकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाएंगे। यह जश्न केवल एक व्यक्ति की ताजपोशी का नहीं था, बल्कि उस विचारधारा की जीत का था जिसके लिए भाजपा के सिपाही वर्षों से गाँव-गाँव में पसीना बहा रहे हैं।

पीरपैंती के विकास को नई ऊंचाई मिलने का भरोसा

​भागलपुर जिले का पीरपैंती क्षेत्र हमेशा से कृषि और व्यापार का केंद्र रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के मामले में अक्सर उपेक्षित महसूस करता रहा है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर यहाँ के किसानों और व्यापारियों में एक नई उम्मीद जगी है। जश्न मना रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर पीरपैंती की समस्याओं—जैसे कटाव की समस्या, बिजली की निर्बाध आपूर्ति और सड़कों का जाल बिछाने—को लेकर विशेष आग्रह करेंगे।

​स्थानीय भाजपा समर्थकों का मानना है कि सम्राट चौधरी के पास बिहार को ‘विकसित राज्य’ बनाने का जो ब्लूप्रिंट है, उसमें पीरपैंती जैसे ग्रामीण अंचलों का विकास एक अनिवार्य हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी की कार्यशैली में कोई भेदभाव नहीं होता और वे हर क्षेत्र के समान विकास के पक्षधर रहे हैं। पीरपैंती में फूटे पटाखों की गूँज ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि यहाँ की जनता अपने नए मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार है।

भविष्य की राजनैतिक बिसात और जश्न का संदेश

​पीरपैंती में हुआ यह जोरदार जश्न आने वाले समय में बिहार की राजनैतिक बिसात के लिए भी एक संकेत है। भाजपा ने सम्राट चौधरी को आगे कर जिस तरह से पिछड़ा और अति-पिछड़ा वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया है, उसका असर पीरपैंती के सामाजिक समीकरणों में भी साफ दिखाई दे रहा है। जश्न में हर वर्ग और समुदाय के लोगों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया है कि सम्राट चौधरी की स्वीकार्यता काफी व्यापक है।

​कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे 2029 के लोकसभा चुनाव और 2030 के विधानसभा चुनाव में भी इसी तरह की जीत सुनिश्चित करेंगे। पीरपैंती में उत्सव जैसा यह माहौल देर शाम तक बना रहा, जहाँ ढोल की थाप पर कार्यकर्ता थिरकते नजर आए। मिठाइयों के डिब्बे खाली होते रहे, लेकिन उत्साह का भंडार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था। पीरपैंती की इस धरती ने आज यह गवाही दी कि बिहार का ‘सम्राट’ अब जनता के दिलों पर राज करने के लिए तैयार है।

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