​सहरसा: खेत जा रही नाबालिग से गैंगरेप, तीन पर केस

सहरसा। बिहार के सहरसा जिले से रूह कपा देने वाली एक आपराधिक वारदात सामने आई है। नवहट्टा थाना क्षेत्र के एक गांव में मक्के के खेत के बीच एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना को अंजाम दिया गया है। यह वाकया सोमवार दोपहर का है, लेकिन अपराधियों के खौफ और सामाजिक लोक-लाज के कारण पीड़ित परिवार शुरू में सहमा रहा। सोमवार की देर रात जब परिजनों ने हिम्मत जुटाकर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, तब जाकर मंगलवार को इस सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मक्के की ऊंची फसलों की ओट में छिपे दरिंदों ने न केवल एक मासूम के बचपन को कुचला, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी खुली चुनौती दी है। सहरसा पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन और आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

दोपहर का सन्नाटा और मक्के के खेत में दरिंदगी

​घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार की दोपहर गांव की शांति उस वक्त भंग हो गई जब एक नाबालिग लड़की अपनी सहेली के साथ घर से कुछ दूरी पर स्थित खेतों की ओर काम के लिए निकली थी। बिहार के कोसी अंचल में इन दिनों मक्के की फसल काफी ऊंची हो चुकी है, जो अपराधियों के लिए छिपने का एक सुलभ ठिकाना बन जाती है। पीड़िता और उसकी सहेली अभी आधे रास्ते ही पहुँची थीं कि पहले से घात लगाकर बैठे तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया।

​आरोपियों ने अचानक लड़कियों के सामने आकर उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। अपराधियों के हाथ में हथियार या बल प्रयोग की धमकी ने लड़कियों को बेबस कर दिया। इसके बाद तीनों आरोपी जबरन नाबालिग को घसीटते हुए पास के एक घने मक्के के खेत में ले गए। जब पीड़िता की सहेली ने शोर मचाने का प्रयास किया और अपनी साथी को बचाने के लिए गुहार लगाई, तो एक आरोपी ने उसे दबोच लिया और उसका मुँह दबाकर उसे अलग ले गया। इसी बीच, दो अन्य युवकों ने नाबालिग के साथ हैवानियत की हदें पार कर दीं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए और पीड़ित लड़की को बदहवास हालत में वहीं छोड़ दिया।

अपराधियों की पहचान और थाने में चीख

​वारदात के बाद बदहवास पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची और अपनी मां को रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। मां ने जब बेटी की हालत देखी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। गांव के कुछ प्रबुद्ध लोगों और परिजनों के साथ पीड़िता की मां सोमवार देर रात नवहट्टा थाना पहुँची। वहां थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई गई।

​पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को इस मामले में नामजद किया है। आरोपियों की पहचान श्रवण यादव, धनी यादव और संतोष यादव के रूप में की गई है। ये तीनों उसी इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल है और ग्रामीण आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने पीड़िता को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया है, जहाँ महिला चिकित्सकों की टीम द्वारा उसकी जांच की गई है।

वैज्ञानिक जांच और पुलिस का छापेमारी अभियान

​मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) आलोक कुमार ने खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने घटनास्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलित किए। एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि इस केस की तफ्तीश पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ पूरी तरह से वैज्ञानिक पद्धति से की जा रही है। घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर कड़ियाँ जोड़ी जा रही हैं।

​थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो नामजद आरोपियों श्रवण यादव, धनी यादव और संतोष यादव की तलाश में उनके पैतृक गांवों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जांच टीम तकनीकी सेल की भी मदद ले रही है ताकि फरार आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और उनके भागने के रास्तों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने दावा किया है कि बहुत जल्द तीनों आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।

ग्रामीण परिवेश में असुरक्षा का गहराता साया

​सहरसा के नवहट्टा क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच असुरक्षा का भाव भर दिया है। विशेषकर खेती-किसानी से जुड़ी महिलाओं और लड़कियों के लिए अब सुनसान खेतों में जाना एक मानसिक चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मक्के के सीजन में अक्सर इस तरह की आपराधिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है क्योंकि ऊंची फसलें अपराधियों को सुरक्षित आड़ प्रदान करती हैं।

​स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सहरसा पुलिस को क्षेत्र में गश्ती तेज करनी चाहिए ताकि अपराधियों के भीतर कानून का खौफ बना रहे। नाबालिग के साथ हुई इस दरिंदगी ने पूरे कोसी क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। लोग अब इस मामले में स्पीडी ट्रायल और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग उठा रहे हैं। सहरसा पुलिस मुख्यालय इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि जांच में कोई भी तकनीकी खामी न रह जाए।

आगे की कार्यवाही और न्याय का इंतजार

​वर्तमान में पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की गई है और उसका बयान न्यायालय में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की चार्जशीट में और अधिक मजबूती आएगी। नामजद आरोपियों के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि उनके ठिकाने का सुराग मिल सके। सहरसा पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर ले रहे हैं।

​इस घटना ने एक बार फिर समाज के उन दरिंदों को बेनकाब किया है जो मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में तनिक भी संकोच नहीं करते। श्रवण, धनी और संतोष की तलाश में सहरसा पुलिस की छापेमारी जारी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। न्याय की इस लड़ाई में पुलिस की भूमिका अब सबसे अहम है, क्योंकि वैज्ञानिक साक्ष्य ही दोषियों को सजा दिलाने का सबसे बड़ा आधार बनेंगे।

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