​भागलपुर: गोराडीह में 18 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में नशा माफियाओं और मादक पदार्थों के अवैध सौदागरों के खिलाफ पुलिस का अभियान अब अपने सबसे निर्णायक दौर में पहुँच चुका है। भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक के कड़े तेवर और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर धरातल पर साफ दिखने लगा है। इसी कड़ी में 14 अप्रैल 2026 को गोराडीह थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित ब्राउन शुगर के साथ एक कुख्यात तस्कर को दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी गोराडीह थाना क्षेत्र के बड़ी जमीन इलाके के समीप से हुई है, जहाँ पुलिस ने घेराबंदी कर एक ऐसे अपराधी को पकड़ा है जो लंबे समय से ग्रामीण अंचलों में नशे का जहर घोलने का काम कर रहा था। पकड़े गए तस्कर के पास से न केवल नशीला पदार्थ बरामद हुआ है, बल्कि डिजिटल तराजू और मोबाइल जैसे उपकरण भी मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि वह एक संगठित तरीके से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था।

खुफिया इनपुट और पुलिस की रणनीतिक घेराबंदी

​भागलपुर जिले में बढ़ते अपराध और नशे की जड़ों को काटने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक ने पहले ही तमाम थाना प्रभारियों को ‘हॉट स्पॉट’ चिन्हित कर छापेमारी के निर्देश दिए हैं। मंगलवार, 14 अप्रैल को पुलिस को एक गुप्त लेकिन बेहद सटीक सूचना प्राप्त हुई। सूचना यह थी कि गोराडीह थाना अंतर्गत बड़ी जमीन के पास अवैध मादक पदार्थों की एक बड़ी डील होने वाली है और एक तस्कर वहां ग्राहकों का इंतजार कर रहा है।

​सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक नगर (सिटी एसपी) की कड़ी निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विधि-व्यवस्था और गोराडीह थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह कर रहे थे। पुलिस टीम ने सादी वर्दी और सरकारी गाड़ियों के तालमेल के साथ बड़ी जमीन इलाके की ओर कूच किया। पुलिस का उद्देश्य अपराधी को भागने का कोई मौका न देना था, इसलिए इलाके के संभावित रास्तों को पहले ही गुप्त रूप से ब्लॉक कर दिया गया था।

चुनौतीपूर्ण पीछा और ‘पत्थर सिंह’ का राजफाश

​जैसे ही पुलिस की गठित टीम बड़ी जमीन के समीप पहुँची, वहां मौजूद एक संदिग्ध व्यक्ति की नजर पुलिस बल पर पड़ी। वर्दी देखते ही वह व्यक्ति बदहवास होकर भागने लगा। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन वह संकरी गलियों का फायदा उठाकर ओझल होने की कोशिश करने लगा। हालांकि, सशस्त्र बल के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेर लिया और कड़ी मशक्कत के बाद उसे काबू में कर लिया।

​पकड़े गए अपराधी की पहचान अशोक कुमार उर्फ पत्थर सिंह के रूप में हुई है, जो इसी थाना क्षेत्र के बड़ी जमीन का रहने वाला है। तलाशी के दौरान पुलिस तब हैरान रह गई जब उसके पास से 18 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। ग्रामीण क्षेत्रों के लिहाज से ब्राउन शुगर की यह मात्रा काफी अधिक मानी जाती है, जिससे सैकड़ों छोटी पुड़ियाँ तैयार की जा सकती थीं। इसके अलावा, पुलिस ने उसके पास से एक डिजिटल तराजू भी बरामद किया है, जिसका उपयोग वह नशीले पदार्थ को तौलकर छोटी-छोटी मात्रा में बेचने के लिए करता था। मौके से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसमें कई संदिग्ध नंबर और चैट्स मिलने की संभावना जताई जा रही है।

नशे का डिजिटल नेटवर्क: मोबाइल और तराजू के राज

​अशोक कुमार उर्फ पत्थर सिंह की गिरफ्तारी केवल एक तस्कर की पकड़ नहीं है, बल्कि यह गोराडीह और आसपास के इलाकों में सक्रिय नशे के ‘डिजिटल नेटवर्क’ का भी खुलासा है। उसके पास से डिजिटल तराजू का मिलना यह संकेत देता है कि वह कोई साधारण तस्कर नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल सप्लायर है जो शुद्धता और वजन का ध्यान रखकर नशे की पुड़ियाँ बेचता था।

​पुलिस अब उसके मोबाइल फोन को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह यह ब्राउन शुगर कहाँ से मंगवाता था और उसके ‘कस्टमर बेस’ में कौन-कौन से लोग शामिल हैं। भागलपुर पुलिस को संदेह है कि इसके तार जिले के बाहर के बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। अक्सर ऐसे तस्कर व्हाट्सएप या अन्य एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर ग्राहकों से संपर्क करते हैं, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। 18 ग्राम ब्राउन शुगर की बरामदगी यह इशारा करती है कि इलाके में नशे की मांग और आपूर्ति का एक बड़ा तंत्र काम कर रहा है।

एसएसपी का ‘हॉट स्पॉट’ प्लान और अपराधियों में खौफ

​भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले में शांति व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत उन इलाकों को ‘हॉट स्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया गया है जहाँ चोरी, छिनतई, अवैध शराब और मादक पदार्थों की शिकायतें सबसे ज्यादा आती हैं। गोराडीह का यह इलाका भी पुलिस की सघन निगरानी सूची में था।

​वरीय पुलिस अधीक्षक का स्पष्ट मानना है कि नशा ही अधिकांश छोटे और बड़े अपराधों की जननी है। मोबाइल छिनतई और चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले ज्यादातर युवा नशे की लत को पूरा करने के लिए अपराधी बन जाते हैं। यही वजह है कि पुलिस अब सीधे नशे की जड़ पर प्रहार कर रही है। गोराडीह में हुई यह कार्रवाई पुलिस की इसी आक्रामक रणनीति का परिणाम है। एसएसपी ने साफ कर दिया है कि अपराधियों के लिए अब भागलपुर में कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।

छापेमारी दल की सक्रियता और महिला अधिकारी की भूमिका

​गोराडीह में हुई इस सफल छापेमारी में टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पु.अ.नि. शिवशंकर दुबे और महिला पुलिस अधिकारी पु.अ.नि. गुलनाज कौशर ने अदम्य साहस का परिचय दिया। टीम में गृह रक्षक सोनू कुमार, सदन कुमार और राजीव कुमार शर्मा ने भी अपराधी को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

​विशेष रूप से टीम में महिला अधिकारी की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भागलपुर पुलिस हर मोर्चे पर अपनी महिला शक्ति का उपयोग कर रही है, जिससे छापेमारी के दौरान स्थानीय महिलाओं और संकरी गलियों में तलाशी लेना आसान हो जाता है। पुलिस की इस तत्परता की नगर पुलिस अधीक्षक ने भी सराहना की है और टीम को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की जा सकती है।

सामाजिक प्रभाव और युवाओं को बचाने का संकल्प

​ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थ समाज के लिए दीमक की तरह हैं। 18 ग्राम ब्राउन शुगर की यह बरामदगी यह याद दिलाती है कि तस्करों ने अब गांवों की ओर रुख कर लिया है। गोराडीह जैसे क्षेत्रों में जहाँ शिक्षा और रोजगार की अपनी चुनौतियां हैं, वहां नशे का प्रवेश एक बड़े सामाजिक संकट को जन्म दे सकता है।

​अशोक कुमार उर्फ पत्थर सिंह की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि ऐसे असामाजिक तत्वों की वजह से शाम के बाद गांव का माहौल खराब हो जाता था। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों का मनोबल टूटा है, बल्कि आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। भागलपुर पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और यदि कोई भी संदिग्ध दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

निष्कर्ष: कानून का शिकंजा और आगे की राह

​अशोक कुमार उर्फ पत्थर सिंह के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी ताकि उसके पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। यह गिरफ्तारी भागलपुर पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन यह इस लंबी लड़ाई का केवल एक हिस्सा है।

​आने वाले दिनों में भागलपुर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाइयों की उम्मीद है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो लोग नशे के इस काले कारोबार में शामिल हैं, वे या तो सुधर जाएं या फिर सलाखों के पीछे जाने के लिए तैयार रहें। भागलपुर की सड़कों और गलियों को सुरक्षित बनाने का संकल्प अब धरातल पर उतरता दिख रहा है।

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