
भागलपुर के तिलकामांझी स्थित सिद्धार्थ स्टडी सर्किल में भारत रत्न की 135वीं जयंती हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और प्रेरणा का अनूठा संगम देखने को मिला।
दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ बाबा साहेब के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. हेमशंकर शर्मा, निरंजन कुमार और डॉ. राकेश रंजन प्रमुख रूप से शामिल थे।
स्वागत गीत से सजी सांस्कृतिक शुरुआत
संस्थान की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इस प्रस्तुति ने पूरे माहौल को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह रहा, जिसमें बिहार बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सर्टिफिकेट, मोमेंटो और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
संस्थान की छात्रा राखी कुमारी और गंगा कुमारी, जिन्होंने राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, उन्हें विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा और प्रेरणा पर जोर
वक्ताओं ने अपने संबोधन में बाबा साहेब के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए शिक्षा को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया। विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई।
साथ ही संस्थान के शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सराहना की गई।
सोलर ऊर्जा अपनाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री की पीएम सूर्य घर योजना का जिक्र करते हुए लोगों को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि बढ़ती बिजली लागत से राहत मिल सके।
सफल आयोजन
यह कार्यक्रम निरंजन कुमार के सौजन्य से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक शामिल हुए।
कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल अंबेडकर जयंती का उत्सव था, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक प्रेरणा का भी संदेश देकर गया।


