
बिहार के नवादा जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। गोविंदपुर प्रखंड के कमलापुर रोड पर एक स्कूल वैन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी और कई बार पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में 9 साल की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक स्कूली बच्चे घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे हुआ। स्कूल वैन बच्चों को लेकर जा रही थी, तभी अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वैन सड़क से लगभग 20 फीट नीचे जा गिरी और कई बार पलटती चली गई। जब तक वाहन रुका, तब तक उसमें सवार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
ग्रामीण बने मसीहा
हादसे के समय आसपास के खेतों में गेहूं काट रहे ग्रामीणों ने तेज आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। कई बच्चों को गंभीर चोटें आई थीं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थानीय लोगों की तत्परता से कई बच्चों की जान बचाई जा सकी।
एक मासूम की मौत, कई की हालत गंभीर
पुलिस के अनुसार, इस हादसे में 9 वर्षीय छात्रा आरोही कुमारी की मौत हो गई।
इसके अलावा दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज चल रहा है। अन्य घायल बच्चों को भी डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
ओवरलोडिंग बनी बड़ी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वैन में क्षमता से कहीं अधिक बच्चे सवार थे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहन की क्षमता करीब 15 बच्चों की थी, लेकिन हादसे के वक्त उसमें 25 से ज्यादा बच्चे बैठे हुए थे।
ओवरलोडिंग की वजह से वाहन का संतुलन बिगड़ना इस हादसे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
नशे में था चालक, तेज रफ्तार भी वजह
प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी दावा किया है कि वैन का चालक नशे की हालत में था और तेज गति से वाहन चला रहा था।
बताया जा रहा है कि चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।
हालांकि, पुलिस ने इन दावों की पुष्टि के लिए चालक का मेडिकल टेस्ट कराने की बात कही है।
चालक गिरफ्तार, FIR दर्ज
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया।
गोविंदपुर थाना में उसके खिलाफ तेज और लापरवाही से वाहन चलाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब वाहन की स्थिति, चालक की भूमिका और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी की भी जांच कर रही है।
स्कूल प्रशासन पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ इस तरह की लापरवाही बिल्कुल अस्वीकार्य है।
ओवरलोडिंग और बिना सुरक्षा मानकों के वाहन संचालन पर प्रशासन को सख्ती दिखाने की जरूरत बताई जा रही है।
इलाके में गुस्सा और शोक
घटना के बाद इलाके में गहरा शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृत बच्ची के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नियमों का पालन कराया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
प्रशासन अलर्ट, जांच जारी
पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि हादसे के हर पहलू की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नवादा का यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर अब और लापरवाही नहीं बरती जा सकती।
ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी मिलकर इस तरह की त्रासदियों को जन्म देती हैं।
जरूरत है कि प्रशासन सख्ती दिखाए और स्कूल प्रबंधन भी बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।


