
बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाओं के बीच अब नई कैबिनेट का फॉर्मूला भी लगभग तैयार माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही बड़े राजनीतिक ऐलान के साथ नई सरकार का गठन हो सकता है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भूमिका अहम रहने वाली है।
BJP के नेतृत्व में बन सकती है नई सरकार
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि इस बार बिहार में BJP अपना मुख्यमंत्री बना सकती है। इसके लिए पार्टी ने केंद्रीय स्तर पर मंथन तेज कर दिया है और पर्यवेक्षक के तौर पर को जिम्मेदारी दी गई है।
यह संकेत देता है कि नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय है और गठबंधन स्तर पर सहमति बन चुकी है।
कैबिनेट का संतुलित फॉर्मूला तैयार
सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में करीब 32 से 33 मंत्रियों की टीम बनाई जा सकती है।
संभावित फॉर्मूले के तहत:
- BJP: 15 मंत्री
- JDU: 14 मंत्री
- LJP (R): 2 मंत्री
- HAM: 1 मंत्री
- RLM: 1 मंत्री
यह फॉर्मूला गठबंधन में संतुलन बनाए रखने और सभी दलों को प्रतिनिधित्व देने के लिहाज से तैयार किया गया है।
दिल्ली में हुई अहम बैठक
नई कैबिनेट और मुख्यमंत्री के नाम को लेकर दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच लंबी चर्चा हुई, जिसमें अंतिम रणनीति पर सहमति बनी।
प्रदेश स्तर पर भी लगातार बैठकों का दौर जारी है।
कुछ मंत्रियों की छुट्टी तय
मौजूदा कैबिनेट में बड़े बदलाव की भी संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, BJP कोटे से कुछ ‘नन-परफॉर्मिंग’ मंत्रियों को हटाया जा सकता है। वहीं खाली पदों पर नए चेहरों को मौका देने की तैयारी है।
मिथिलांचल को मिलेगा ज्यादा प्रतिनिधित्व
इस बार क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
खासकर मिथिलांचल क्षेत्र से नए नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि पिछली कैबिनेट में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कम था।
इन नए चेहरों की चर्चा तेज
BJP कोटे से कई नए और चर्चित नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- सुनील कुमार पिंटू (सीतामढ़ी)
- नीतीश मिश्रा (झंझारपुर)
- निशा सिंह (कटिहार)
- जीवेश मिश्रा (दरभंगा)
- मिथिलेश तिवारी (गोपालगंज)
- रजनीश कुमार (बेगूसराय)
इन नामों को लेकर पार्टी के अंदर गंभीर चर्चा चल रही है और अंतिम सूची जल्द सामने आ सकती है।
14-15 अप्रैल पर टिकी नजरें
राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जा सकता है, जबकि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की संभावना है।
इसे लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।
नई कैबिनेट के फॉर्मूले और संभावित चेहरों से साफ है कि आने वाली सरकार संतुलन और रणनीति के साथ बनाई जाएगी। अब सभी की नजरें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगी।


