
बिहार की राजनीति इस समय बेहद अहम दौर से गुजर रही है। नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सस्पेंस लगातार बना हुआ है और इसी बीच नेता प्रतिपक्ष ने बड़ा बयान देकर सियासी हलचल और तेज कर दी है।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिहार में जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा, वह जनता के जनादेश के खिलाफ होगा।
अगले 48 घंटे बेहद अहम
राज्य में अगले 48 घंटे को बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो सकता है। इससे पहले लगातार बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों का दौर जारी है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि सत्ता परिवर्तन लगभग तय है।
तेजस्वी यादव का तीखा हमला
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस समय बिहार में कई नेता मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि आखिर कौन मुख्यमंत्री बनेगा, लेकिन जो भी बनेगा वह जनता के फैसले के खिलाफ होगा।
उनके मुताबिक, सत्ता के लिए नेताओं के बीच होड़ मची हुई है और लगातार मुख्यमंत्री आवास पर बैठकों का दौर चल रहा है।
14 अप्रैल को BJP विधायक दल की बैठक
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच 14 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी की विधायक दल की बैठक होने वाली है।
यह बैठक पटना में दोपहर 2 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी विधायक और विधान पार्षद शामिल होंगे।
इस बैठक में केंद्रीय नेता भी मौजूद रहेंगे, जिन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है।
उनकी निगरानी में विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा, जो मुख्यमंत्री पद के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
नेताओं की ताबड़तोड़ बैठकें जारी
इससे पहले जदयू और बीजेपी के नेताओं के बीच लगातार बैठकों का दौर चल रहा है।
राजनीतिक समीकरणों को अंतिम रूप देने के लिए राज्य और केंद्र स्तर पर समन्वय बनाया जा रहा है।
छात्र संगठन पर भी लिया बड़ा फैसला
तेजस्वी यादव ने इस दौरान पार्टी के छात्र संगठन को लेकर भी बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि छात्र राजद को समाप्त कर दिया गया है और अब ‘SSAI’ (Socialist Students Association of India) नाम से नया संगठन काम करेगा, जो देशभर में सक्रिय रहेगा।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्य ठप पड़े हैं और सरकार का खजाना खाली हो चुका है।
साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि कई विधायकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।
न्यायिक मामलों पर साधी चुप्पी
लैंड फॉर जॉब मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसका जवाब वहीं दिया जाएगा।
बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि जल्द ही तस्वीर साफ हो सकती है।
तेजस्वी यादव के बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।


