
बिहार में बस यात्रियों के लिए राहत और बस संचालकों के लिए सख्ती—दोनों साथ-साथ देखने को मिल रहे हैं। राज्य सरकार जहां एक ओर बस किराए में संशोधन (बढ़ोतरी) की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर परिवहन विभाग ने बस संचालकों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है।
इन नियमों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों से मनमानी वसूली पर रोक लगाना और परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
मनमानी वसूली पर सख्त कार्रवाई
नई गाइडलाइन के तहत अब कोई भी बस संचालक निर्धारित किराए से अधिक वसूली नहीं कर सकेगा।
अगर कोई संचालक तय दर से ज्यादा किराया लेता पाया गया, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम उन लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिनमें यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की बात सामने आती रही है।
बस स्टैंड पर ही होगा ठहराव
परिवहन विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि सभी बसें केवल रजिस्टर्ड बस स्टैंड पर ही रुकेंगी।
सड़क पर कहीं भी मनमाने तरीके से बस रोकने पर कार्रवाई की जाएगी। इससे यातायात व्यवस्था में सुधार और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
क्षमता के अनुसार ही बैठेंगे यात्री
अब बसों में उनकी निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी।
ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी की जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके।
हर बस में होगा शिकायत रजिस्टर
यात्रियों की सुविधा के लिए हर बस में कंप्लेन रजिस्टर रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
यात्री अपनी शिकायत सीधे इसमें दर्ज कर सकेंगे, जिसके समाधान की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
यह व्यवस्था यात्रियों को अपनी आवाज उठाने का एक औपचारिक मंच प्रदान करेगी।
किराया सूची लगाना होगा अनिवार्य
नई गाइडलाइन के अनुसार, सभी बसों और बस स्टैंड पर किराए की सूची चिपकाना अनिवार्य होगा।
इससे यात्रियों को पहले से ही किराए की जानकारी मिल सकेगी और किसी भी तरह की ठगी या भ्रम की स्थिति से बचाव होगा।
किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी
परिवहन विभाग ने बस किराए में वृद्धि का प्रस्ताव भी तैयार किया है, जिसके अनुसार:
- 50 किमी तक: 15% बढ़ोतरी
- 100 किमी तक: 14%
- 150 किमी तक: 13%
- 200 किमी तक: 12%
- 250 किमी तक: 11%
- 300 किमी से अधिक दूरी: 10%
हालांकि, यह बढ़ोतरी लागू होने से पहले अंतिम मंजूरी पर निर्भर करेगी।
यात्रियों को मिलेगी राहत
अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
पारदर्शिता बढ़ेगी, अनुशासन लागू होगा और यात्रा अनुभव पहले से बेहतर होगा।
बिहार में बस किराया बढ़ाने की तैयारी के साथ-साथ सख्त गाइडलाइन लागू करना संतुलित कदम माना जा रहा है।
जहां एक ओर यात्रियों पर आर्थिक असर पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर उन्हें बेहतर और सुरक्षित सेवाएं मिलने की उम्मीद भी बढ़ेगी।


