
पटना, 11 अप्रैल 2026। बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इसी क्रम में 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी को लखीसराय और शेखपुरा जिले का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक रणनीति में बड़ा बदलाव
नई व्यवस्था के तहत अब राज्य के विभिन्न जिलों की मॉनिटरिंग सीधे पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। इसका उद्देश्य जिलों में पुलिसिंग को और मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में तेजी लाना और संवेदनशील मामलों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
अमित लोढ़ा के नेतृत्व में इन दोनों जिलों में विशेष अभियानों, कानून-व्यवस्था की समीक्षा और पुलिस कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की जाएगी।
सख्त और प्रभावी छवि वाले अधिकारी
अमित लोढ़ा को एक तेज-तर्रार और सख्त प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जाना जाता है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जिलों में प्रभावी पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया है। हाल ही में उन्हें आईजी से पदोन्नत कर एडीजी बनाया गया है, जिसके बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
लखीसराय और शेखपुरा जैसे जिलों में उनकी तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
वेब सीरीज से देशभर में पहचान
अमित लोढ़ा का नाम उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब उनके अनुभवों पर आधारित वेब सीरीज रिलीज हुई। इस सीरीज में बिहार पुलिस की कार्यशैली और अपराध के खिलाफ कार्रवाई को दर्शाया गया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
विवादों से भी रहा जुड़ाव
हालांकि, उनके करियर में विवाद भी जुड़े रहे हैं। वर्ष 2022 में विशेष निगरानी इकाई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था, जिसमें कथित तौर पर अवैध संपत्ति का मामला सामने आया था।
बाद में वर्ष 2024 में इस मामले में अभियोजन की अनुमति मांगी गई और हाल ही में राज्य सरकार ने इसे मंजूरी देकर फाइल केंद्र सरकार को भेज दी है। आगे की प्रक्रिया में केंद्र की स्वीकृति के बाद चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
क्या होगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी देने से:
- अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी
- पुलिसिंग में जवाबदेही बढ़ेगी
- संवेदनशील मामलों में तुरंत निर्णय संभव होगा
कुल मिलाकर, अमित लोढ़ा को दी गई यह नई जिम्मेदारी बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


