श्रमिकों के पंजीकरण और जागरूकता पर सरकार का जोर, योजनाओं का लाभ हर मजदूर तक पहुंचाने के निर्देश

पटना, बिहार सरकार ने श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों के कल्याण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के सख्त निर्देश दिए हैं। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत स्तर तक जागरूकता बढ़ाने और श्रमिकों के पंजीकरण को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया।

नियोजन भवन स्थित प्रतिबिंब सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मंत्री ने की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें , और शामिल थे, मौजूद रहे।

हर श्रमिक तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की सभी श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक मजदूरों तक सुनिश्चित किया जाए। खास तौर पर “बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा गया कि दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों को समय पर आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।

इसके साथ ही बिहार भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत सेस वसूली को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जो नियोजक समय पर सेस का भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सेस की नियमित वसूली से ही श्रमिक कल्याण योजनाओं को मजबूती मिलेगी।

पंजीकरण और जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश

मंत्री ने श्रमिकों के पंजीकरण (निबंधन) को सबसे अहम बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर अधिक से अधिक श्रमिकों को बोर्ड से जोड़ा जाए। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने पर भी जोर दिया।

इसके अलावा, पंचायत स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि जानकारी के अभाव में कोई भी श्रमिक सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।

प्रवासी श्रमिकों के लिए डेटा बेस और टोल फ्री सुविधा

बैठक में प्रवासी श्रमिकों के लिए एक मजबूत डाटा बेस तैयार करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे क्षेत्र में भ्रमण कर श्रमिकों का डेटा एकत्र करें और अन्य राज्यों के साथ समन्वय (एमओयू) स्थापित कर उन्हें अधिक से अधिक लाभ दिलाने की दिशा में काम करें।

साथ ही, श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभाग की ओर से जल्द ही टोल फ्री नंबर शुरू करने की भी घोषणा की गई। इससे मजदूरों को अपनी समस्याएं सीधे विभाग तक पहुंचाने में आसानी होगी।

सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि राज्य के हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।

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