राज्यसभा की शपथ से पहले दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार, बिहार में नई NDA सरकार के गठन की तैयारी तेज

पटना/नई दिल्ली, 9 अप्रैल 2026 — बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत साफ तौर पर दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में 10 अप्रैल को शपथ लेने वाले हैं। इससे पहले वे गुरुवार को पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके दिल्ली पहुंचने से पहले ही बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और सत्ताधारी गठबंधन के प्रमुख नेता राजधानी में मौजूद हैं, जिससे सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं।

जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी इस घटनाक्रम के बीच संकेत दिए हैं कि बिहार में नई सरकार का गठन 13 अप्रैल के बाद किया जाएगा। उनके बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

14 या 15 अप्रैल को हो सकता है शपथ ग्रहण

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बिहार में नई एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 14 या 15 अप्रैल को आयोजित किया जा सकता है। इसके लिए पटना का गांधी मैदान प्रमुख संभावित स्थल के रूप में सामने आया है। प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियों की चर्चा शुरू हो गई है, हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

CM पद को लेकर बढ़ी हलचल

सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री पद को लेकर है। सूत्रों का दावा है कि इस बार एनडीए के भीतर मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के हिस्से में जा सकता है। भाजपा नेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अगर ऐसा होता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा, क्योंकि अब तक भाजपा राज्य में सहयोगी दल के रूप में ही सत्ता में रही है।

नीतीश युग के अंत के संकेत

वर्ष 2005 से लगातार बिहार की सत्ता पर काबिज रहे नीतीश कुमार की संभावित विदाई को राजनीतिक जानकार एक युग के अंत के रूप में देख रहे हैं। लंबे समय तक राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को मजबूत करते नजर आ सकते हैं।

बदलते समीकरणों का असर

विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम 2024 के बाद बदले राष्ट्रीय राजनीतिक समीकरणों और एनडीए के भीतर नए शक्ति संतुलन की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। बिहार में होने वाला यह बदलाव आने वाले समय में देश की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।

फिलहाल सबकी नजरें 10 अप्रैल पर टिकी हैं, जब नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

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