मधेपुरा: सेक्स रैकेट का खुलासा, ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस, 14 गिरफ्तार

  • मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 11 युवतियों और 3 युवकों समेत कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
  • ​पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह के निर्देश पर ‘नया सवेरा’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसमें पुलिस टीम ने ग्राहक बनकर गिरोह के अड्डे पर छापेमारी की।
  • ​सिंहेश्वर–बिरैली मार्ग स्थित रोड नंबर-18 के पास बहियार में चल रहे इस अवैध कारोबार के खिलाफ मधुबनी के एक एनजीओ ‘बिहार सेवा समिति न्याय केंद्र’ ने भी सहयोग दिया।
  • ​तीन डीएसपी और भारी पुलिस बल की इस रणनीतिक घेराबंदी के दौरान मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान और एक पल्सर बाइक जब्त की गई है।
  • ​पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे सरगनाओं और इसके विस्तार की गहन जांच कर रही है, साथ ही पकड़ी गई युवतियों के पुनर्वास की दिशा में भी विचार किया जा रहा है।

मधेपुरा।

अंधेरे कारोबार पर पुलिस का ‘नया सवेरा’: मधेपुरा में देह व्यापार के सिंडिकेट का अंत

बिहार के मधेपुरा जिले में समाज की मर्यादा को तार-तार करने वाले एक घृणित व्यापार का पुलिस ने अत्यंत पेशेवर तरीके से अंत कर दिया है। सिंहेश्वर थाना क्षेत्र में लंबे समय से बहियार की आड़ में फल-फूल रहे सेक्स रैकेट की जड़ें अब उखड़ चुकी हैं। पुलिस मुख्यालय पटना के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘नया सवेरा’ अभियान ने अपराधियों और अनैतिक कार्य करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है। यह कार्रवाई केवल एक छापेमारी नहीं थी, बल्कि यह उन गिरोहों को कड़ा संदेश था जो ग्रामीण अंचलों और खेतों के शांत वातावरण को अपराध की शरणस्थली बना रहे थे। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह के कुशल नेतृत्व और मुख्यालय डीएसपी मनोज मोहन की सक्रियता ने इस ऑपरेशन को अंजाम तक पहुँचाया।

रणनीति ऐसी कि अपराधी भी रह गए दंग: खाकी जब बनी ‘ग्राहक’

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात इसकी गोपनीयता और योजनाबद्ध निष्पादन रही। सिंहेश्वर–बिरैली सड़क के पास रोड नंबर-18 के बहियार में बाहरी लोगों की संदिग्ध आवाजाही की खबरें पुलिस को मिल रही थीं। पुलिस सीधे तौर पर वर्दी में जाती तो अपराधी भाग सकते थे, इसलिए तीन डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम के जवान सादे लिबास में ग्राहक बनकर वहां पहुँचे। जैसे ही पुलिस टीम ने अपनी आंखों से देह व्यापार की पुष्टि की और आरोपियों के साथ सौदेबाजी की प्रक्रिया शुरू हुई, वैसे ही पहले से तैयार पुलिस बल ने चारों ओर से घेराबंदी कर दी। अपराधियों को संभलने का एक पल भी नहीं मिला।

खेतों में भगदड़ और पुलिस की मुस्तैदी

जैसे ही पुलिस की असली पहचान उजागर हुई, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अचानक रेड करने से डरकर कई युवतियां और युवक पास के ऊँचे खेतों और झाड़ियों की ओर भागने लगे। लेकिन पुलिस ने अपनी रणनीति के तहत पहले ही पूरे इलाके को ‘कॉर्डन ऑफ’ (घेराबंदी) कर रखा था। भागने की हर कोशिश नाकाम रही और पुलिस बल ने खदेड़कर 11 युवतियों और 3 युवकों को पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों की संख्या और वहां की स्थिति यह दर्शाती है कि यह कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट था जो दूर-दूर तक अपने पैर फैलाए हुए था।

एनजीओ का सहयोग और ‘नया सवेरा’ का उद्देश्य

इस बड़ी कार्रवाई में मधुबनी स्थित एनजीओ ‘बिहार सेवा समिति न्याय केंद्र’ की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अक्सर ऐसे मामलों में युवतियों को प्रलोभन देकर या दबाव बनाकर इस दलदल में धकेला जाता है। एनजीओ की उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि पीड़ित युवतियों के अधिकारों का हनन न हो और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए आवश्यक कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा सके। ‘नया सवेरा’ अभियान का मूल उद्देश्य भी यही है कि समाज के उन कोनों तक पहुँचा जाए जहाँ अंधेरा है और वहां सुधार की एक नई किरण पैदा की जा सके।

मौके से बरामदगी: सबूतों का अंबार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके की तलाशी ली तो वहां से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जो इस अवैध धंधे के पुख्ता सबूत के तौर पर इस्तेमाल की जाएगी। इसके अलावा, एक पल्सर एनएस बाइक को भी जब्त किया गया है, जिसका उपयोग ग्राहकों को लाने या सूचनाओं के आदान-प्रदान में किए जाने का संदेह है। बरामद सामानों की सूची तैयार कर ली गई है और इन्हें न्यायालय में साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा।

पूछताछ में खुल सकते हैं कई और राज

हिरासत में लिए गए 14 लोगों को थाने लाकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट का मुख्य सरगना कौन है और क्या इसके तार अंतर-जिला गिरोहों से भी जुड़े हैं। यह भी जांच का विषय है कि क्या इसमें कुछ रसूखदार लोगों का भी संरक्षण प्राप्त था। मुख्यालय डीएसपी मनोज मोहन ने बताया कि पुलिस इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि इस पूरे गिरोह की ‘सप्लाई चेन’ को समझा जा सके।

सामाजिक सुरक्षा और जनता का विश्वास

सिंहेश्वर जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्र में इस तरह के अनैतिक कार्यों का चलना स्थानीय नागरिकों के लिए चिंता का विषय था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। बहियार जैसे सुनसान इलाकों में इस तरह की गतिविधियों से न केवल अनैतिकता बढ़ती है, बल्कि अन्य आपराधिक वारदातों जैसे छिनतई और मारपीट की आशंका भी बनी रहती है। पुलिस अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि मधेपुरा के किसी भी हिस्से में अवैध धंधों को पनपने नहीं दिया जाएगा।

अपराध मुक्त मधेपुरा का संकल्प

सिंहेश्वर में हुई यह छापेमारी बिहार पुलिस की सतर्कता और ‘इंटेलिजेंस’ की जीत है। 11 युवतियों और 3 युवकों की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून की नजर से कुछ भी छिपा नहीं है। ‘नया सवेरा’ अभियान के तहत आने वाले दिनों में मधेपुरा के अन्य संदिग्ध इलाकों में भी इसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक देखने को मिल सकती है। समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने आसपास होने वाली संदेहास्पद गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जब पुलिस और जनता मिलकर कदम बढ़ाएंगे, तभी मधेपुरा की धरती से ऐसे कलंक पूरी तरह मिट सकेंगे।

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