
- भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में जिले के खेल परिदृश्य को पूरी तरह बदलने और इसे वैश्विक पटल पर लाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
- जिले के विभिन्न खेल संघों के साथ हुए इस मंथन में फुटबॉल, क्रिकेट, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, लॉन टेनिस और बैडमिंटन जैसे खेलों के लिए विशिष्ट मैदानों को चिह्नित करने और वहां बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।
- क्रिकेट के क्षेत्र में भागलपुर की ऐतिहासिक पहचान को देखते हुए अब यहां के मैदानों को बीसीसीआई (BCCI) के कड़े मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिसमें पिच की गुणवत्ता, मैदान की लेबलिंग और दर्शक दीर्घा का आधुनिकीकरण शामिल है।
- प्रशासन का लक्ष्य केवल मैदान बनाना नहीं, बल्कि ऐसी खेल सुविधाएं प्रदान करना है जिससे भागलपुर के प्रतिभावान युवा सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी जगह सुनिश्चित कर सकें।
- खेल संघों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी सक्रिय संगठनों की आधिकारिक सूची तैयार करने और उनके पदाधिकारियों का विवरण जिला खेल कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करने का निर्देश दिया गया है।
भागलपुर (द वॉयस ऑफ बिहार)।
सपनों को मिलेगी नई उड़ान: भागलपुर बनेगा अंतरराष्ट्रीय खेलों का नया केंद्र
भागलपुर की आबोहवा में हमेशा से ही संघर्ष और जीत की कहानियां रची बसी रही हैं। अब इसी मिट्टी से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को समीक्षा भवन में हुई बैठक केवल एक औपचारिक चर्चा नहीं थी, बल्कि यह भागलपुर के खेल भविष्य की नींव रखने वाला एक ऐतिहासिक क्षण था। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ सीधा संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि अब भागलपुर को ‘सॉफ्ट टारगेट’ नहीं बल्कि ‘स्पोर्ट्स हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक का मुख्य स्वर यही था कि जब भागलपुर की धरती एमएस धोनी और ईशान किशन जैसे सितारों की गवाह रही है, तो यहां की अगली पीढ़ी को विश्वस्तरीय सुविधाएं क्यों नहीं मिलनी चाहिए।
बीसीसीआई मानक और क्रिकेट का नया कलेवर: 10 फीट का विस्तार और पेशेवर पिच
क्रिकेट भागलपुर के रग-रग में बसा है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने क्रिकेट मैदानों के कायाकल्प के लिए विशेष निर्देश जारी किए। बैठक में यह तकनीकी तथ्य सामने आया कि बीसीसीआई के मानकों पर खरा उतरने के लिए वर्तमान क्रिकेट ग्राउंड को कम से कम 10 फीट और विस्तार देने की आवश्यकता है। यह विस्तार केवल जमीन का टुकड़ा बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन की संभावनाओं के द्वार खोलना है। क्रिकेट पिच की मिट्टी, उसकी नमी सोखने की क्षमता और आउटफील्ड की लेबलिंग के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। इसके साथ ही, दर्शकों के बैठने के लिए व्यवस्थित दीर्घा का निर्माण किया जाएगा ताकि भविष्य में भागलपुर बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार रहे।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव होगा दूर: शौचालय से लेकर प्रकाश व्यवस्था तक
अक्सर देखा जाता है कि खिलाड़ी मैदान में पसीना तो बहाते हैं, लेकिन वहां बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिला खेल पदाधिकारी ने वॉलीबॉल और अन्य खेलों के मैदानों के समीप मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि वॉलीबॉल कोर्ट और अन्य खेल क्षेत्रों के पास आधुनिक शौचालय, चेंजिंग रूम, शुद्ध पेयजल और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (फ्लड लाइट्स) सुनिश्चित की जाए। रात में अभ्यास करने की सुविधा मिलने से खिलाड़ियों के पास अभ्यास के लिए अधिक समय होगा, जो उनके प्रदर्शन को निखारने में सहायक साबित होगा।
अनुशासन: सफलता की पहली और अनिवार्य शर्त
जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बैठक के दौरान एक बहुत ही महत्वपूर्ण और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बिना अनुशासन के कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी महान नहीं बन सकता। उन्होंने जिला खेल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि खिलाड़ियों के व्यवहार और अभ्यास सत्रों में अनुशासन बनाए रखने के लिए ‘रेगुलेटरी उपाय’ अपनाए जाएं। खेल मैदानों पर अनुशासन की कमी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यदि खिलाड़ी शारीरिक कौशल के साथ-साथ मानसिक अनुशासन और समय की पाबंदी को अपनाते हैं, तो उनकी सफलता की दर कई गुना बढ़ जाती है। इसके लिए खेल संघों को भी अपने स्तर पर निगरानी रखने को कहा गया है।
खेल संघों का ‘क्लीन अप’ ऑपरेशन: सक्रियता और जवाबदेही तय
जिले में कई खेल संघ कागजों पर तो मौजूद हैं, लेकिन धरातल पर उनकी सक्रियता शून्य रहती है। इस विसंगति को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने जिला खेल पदाधिकारी को सभी सक्रिय खेल संघों की एक नई और प्रमाणिक सूची बनाने का आदेश दिया है। अब केवल उन्हीं संघों को प्रशासनिक मान्यता और सहयोग मिलेगा जो वास्तव में खिलाड़ियों के विकास के लिए काम कर रहे हैं। सभी खेल संघों को अपने पदाधिकारियों की सूची और अपनी गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर जिला खेल कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा। यह कदम खेल संगठनों के भीतर पारदर्शिता लाएगा और राजनीति के बजाय खेल को प्राथमिकता मिलेगी।
धोनी और ईशान किशन की विरासत से प्रेरणा
बैठक के दौरान उस गौरवशाली पल को भी याद किया गया जब भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में से एक एमएस धोनी ने भागलपुर के मैदानों पर अपना जौहर दिखाया था। इसके साथ ही आज के चर्चित क्रिकेटर ईशान किशन के शुरुआती सफर में भागलपुर के योगदान पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि जब इसी सीमित संसाधन में यहां से ऐसे बड़े खिलाड़ी निकल सकते हैं, तो सुविधाओं के विस्तार के बाद भागलपुर प्रतिभाओं की खान साबित होगा। उन्होंने क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल चयन ट्रायल तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित अंतराल पर मैचों और अभ्यास सत्रों का आयोजन करें ताकि खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धी भावना बनी रहे।
प्रशासनिक टीम और सामूहिक संकल्प
खेलों के इस महाअभियान में जिलाधिकारी को पूरी प्रशासनिक टीम का सहयोग मिल रहा है। बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) राकेश रंजन और संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि खेल विकास अब जिले की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। नगर आयुक्त को शहर के भीतर उपलब्ध जमीनों को खेल मैदानों के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने की जिम्मेदारी दी गई है।
भागलपुर की सड़कों से स्टेडियम तक का सफर
8 अप्रैल 2026 की यह बैठक भागलपुर के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत है। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी का विजन स्पष्ट है—वे भागलपुर को केवल एक जिला मुख्यालय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन स्थल के रूप में देखना चाहते हैं। जब मैदान बीसीसीआई के मानकों के अनुरूप होंगे, जब वॉलीबॉल कोर्ट पर रोशनी होगी और जब खिलाड़ियों के भीतर कड़ा अनुशासन होगा, तब भागलपुर से निकलने वाला हर खिलाड़ी देश का गौरव बनेगा। अब गेंद खेल संघों और विभाग के पाले में है कि वे इस प्रशासनिक इच्छाशक्ति को कितनी जल्दी धरातल पर उतारते हैं।


