रोहतास में ‘शादी’ के नाम पर मानव तस्करी का शक: बिक्रमगंज के मैरिज हॉल में पुलिस की छापेमारी, 24 हिरासत में और एक लाख नकद बरामद

बिक्रमगंज (रोहतास)। 08 अप्रैल 2026: बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज में मंगलवार की शाम एक ‘मैरिज हॉल’ में चल रही शादी की रस्मों के बीच पुलिस की अचानक दस्तक ने न केवल एक नाबालिग की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली, बल्कि एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के बड़े खेल का भी पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिक्रमगंज बाजार स्थित ‘शिव मैरिज हॉल’ में छापेमारी कर एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी और मौके से 24 लोगों को हिरासत में लिया है। प्राथमिक जांच में पुलिस को संदेह है कि यह महज एक बाल विवाह का मामला नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों की बेटियों को पैसों का लालच देकर दूसरे राज्यों में ‘बेचने’ वाले किसी बड़े मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है।

​गुप्त सूचना और मैरिज हॉल की घेराबंदी

​बिक्रमगंज थाना पुलिस को मंगलवार की दोपहर एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि शिव मैरिज हॉल में एक ऐसी शादी हो रही है, जिसमें दूल्हा दूसरे राज्य का है और दुल्हन की उम्र बेहद कम है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। जैसे ही पुलिस की टीम मैरिज हॉल पहुँची, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रस्मों के बीच वर्दीधारियों को देख बाराती और घराती भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने पहले ही मैरिज हॉल के सभी निकास द्वारों को घेर लिया था।

​पुलिस ने जब दुल्हन के दस्तावेजों की जांच की, तो वह नाबालिग पाई गई। वह मूल रूप से बक्सर जिले के चकिया क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। वहीं, दूल्हा और उसके परिजन मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पेलादरी गांव से यहाँ पहुँचे थे।

​बरामदगी और हिरासत: 24 लोग पुलिस के शिकंजे में

​पुलिस की इस कार्रवाई में कुल 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 8 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन महिलाओं की इस पूरे प्रकरण में क्या भूमिका थी, क्योंकि अक्सर ऐसे गिरोहों में महिलाएं ही मध्यस्थ (बिचौलिया) के रूप में काम करती हैं ताकि लड़की के परिवार का भरोसा जीता जा सके।

​तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से करीब एक लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि आमतौर पर शादियों में उपहारों का लेन-देन होता है, लेकिन एक नाबालिग की शादी के लिए इतनी बड़ी नकदी का मौके पर होना ‘सौदा’ होने की ओर इशारा करता है। फिलहाल 16 पुरुषों और 8 महिलाओं से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके।

​मानव तस्करी का गहराता संदेह

​बिहार के गरीब इलाकों से नाबालिग लड़कियों को मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में ले जाकर शादी के नाम पर बेचने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इन राज्यों में लिंग अनुपात (Sex Ratio) में असंतुलन के कारण शादियों के लिए लड़कियों की कमी है, जिसका फायदा मानव तस्कर उठाते हैं।

​पुलिस के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता है। उन्हें शादी का झांसा देकर कुछ पैसे दिए जाते हैं और फिर लड़कियों को हमेशा के लिए दूर भेज दिया जाता है, जहाँ अक्सर उनके साथ घरेलू नौकरानी या उससे भी बदतर व्यवहार होता है। बिक्रमगंज की इस घटना में मध्य प्रदेश के रतलाम का कनेक्शन इसी आशंका को पुख्ता कर रहा है।

​दूल्हे के पिता का पक्ष

​हिरासत में लिए गए लोगों में दूल्हे के पिता शंकर लाल चौहान भी शामिल हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे किसी गलत इरादे से यहाँ नहीं आए थे। शंकर लाल चौहान के अनुसार, वे अपने बेटे के लिए योग्य वधू की तलाश में थे और आपसी बातचीत और सहमति के बाद ही इस रिश्ते को तय किया गया था। उनका कहना है कि उन्हें लड़की की सही उम्र के बारे में जानकारी नहीं थी और न ही वे किसी तस्करी गिरोह से जुड़े हैं। हालांकि, पुलिस उनके इन दावों को संदेह की नजर से देख रही है और उनके बैंक ट्रांजेक्शन तथा कॉल डिटेल्स खंगाल रही है।

​पुलिस प्रशासन की सतर्कता

​बिक्रमगंज पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। यदि जांच में मानव तस्करी (Human Trafficking) के प्रमाण मिलते हैं, तो इसमें कड़ी धाराएं जोड़ी जाएंगी। पुलिस की एक टीम बक्सर के चकिया गांव भी भेजी जा रही है ताकि लड़की के माता-पिता की पृष्ठभूमि और उनके इस ‘सौदे’ में शामिल होने या न होने की पुष्टि की जा सके।

​स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि मैरिज हॉलों में ऐसी शादियों की निगरानी होनी चाहिए जहाँ पक्षकार दूसरे राज्यों से आते हों। बिक्रमगंज की इस घटना ने एक बार फिर समाज और प्रशासन के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक गरीबी की आड़ में बेटियों का सौदा होता रहेगा।

​निष्कर्ष: एक सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी

​रोहतास पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक मासूम का भविष्य अंधकार में जाने से रोक लिया है। फिलहाल नाबालिग लड़की को सुरक्षित स्थान पर भेजकर उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है। यह मामला एक चेतावनी है उन तमाम परिवारों के लिए जो चंद पैसों के लालच में अपनी बेटियों को अनजाने खतरों की ओर धकेल देते हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

​अब देखना यह है कि क्या पुलिस उन ‘दलालों’ तक पहुँच पाती है जो बिहार की बेटियों को दूसरे राज्यों की ‘मंडियों’ तक पहुँचाने का काम करते हैं। इस पूरे प्रकरण में मैरिज हॉल के मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है कि क्या उसने बिना उचित पहचान और उम्र सत्यापन के बुकिंग कैसे की।

  • ये भी पढ़े..

    श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज स्टेशन पर खुलेगा अस्थायी रेल थाना

    Share Add as a preferred…

    पीरपैंती-गोड्डा रेल परियोजना को मिली रफ्तार, लाइन पर बनेंगे कुल सात रेलवे स्टेशन

    Share Add as a preferred…