निजी स्कूलों में ‘मुफ्त शिक्षा’ का सपना होगा सच: बिहार में आरटीई नामांकन के लिए 15 अप्रैल से खुलेगा ज्ञानदीप पोर्टल

आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों के लिए शिक्षा की दहलीज पर नई उम्मीद: 30 अप्रैल तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का मौका, जानें नामांकन की पूरी समय-सारणी और प्रक्रिया

पटना। बिहार की शिक्षा व्यवस्था में समावेशी सुधार और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कमर कस ली है। राज्य के उन हजारों परिवारों के लिए खुशखबरी है जो अपने बच्चों को बेहतर निजी स्कूलों में पढ़ाने का सपना तो देखते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी उनके आड़े आ जाती है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत अब गरीब और वंचित समूह के बच्चों के लिए निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर मुफ्त नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने इसके लिए ‘ज्ञानदीप पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की विस्तृत समय-सारणी जारी कर दी है।

​15 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली यह पंजीकरण प्रक्रिया न केवल शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह उन बच्चों के भविष्य को संवारने का एक संवैधानिक जरिया भी है जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन होगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी और वास्तविक हकदारों को उनका अधिकार मिल सकेगा।

​शिक्षा का अधिकार: क्या है धारा 12(1)(c) और ज्ञानदीप पोर्टल?

​शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत देश के सभी निजी स्कूलों को अपनी शुरुआती कक्षा (नर्सरी या कक्षा 1) की कुल सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और अलाभकारी समूह के बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। बिहार में इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ‘ज्ञानदीप पोर्टल’ (gyandeep-rte.bihar.gov.in) को विकसित किया गया है।

​इस पोर्टल के माध्यम से विभाग यह सुनिश्चित करता है कि आवेदन से लेकर स्कूल आवंटन तक की प्रक्रिया बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के संपन्न हो। इससे उन माता-पिता को बड़ी राहत मिली है जो पहले निजी स्कूलों की मनमानी और जटिल कागजी कार्यवाही से परेशान रहते थे। अब एक क्लिक के माध्यम से योग्य बच्चे अपनी पसंद के स्कूलों के लिए दावेदारी पेश कर सकते हैं।

​नामांकन का पूरा शेड्यूल: डायरी में दर्ज कर लें ये महत्वपूर्ण तिथियां

​शिक्षा विभाग ने नामांकन की प्रक्रिया को चरणों में विभाजित किया है ताकि स्कूलों और अभिभावकों को पर्याप्त समय मिल सके। इस बार विभाग ने समय-सीमा को लेकर काफी सख्ती दिखाई है ताकि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में कोई देरी न हो।

नामांकन प्रक्रिया की मुख्य समय-सारणी:

  • स्कूलों द्वारा क्षमता अपलोड करना (06 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026): सबसे पहले निजी स्कूलों को अपनी प्रवेश क्षमता और उपलब्ध आरक्षित सीटों की जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी।
  • छात्र पंजीकरण की शुरुआत (15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026): पात्र बच्चों के अभिभावक इस पखवाड़े के दौरान पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
  • दस्तावेज सत्यापन (17 अप्रैल से 02 मई 2026): पंजीकरण के बाद आवेदन की सत्यता और दस्तावेजों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
  • ऑनलाइन स्कूल आवंटन (05 मई 2026): सॉफ्टवेयर के माध्यम से पारदर्शी तरीके से बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया जाएगा।
  • विद्यालय में प्रवेश (06 मई से 21 मई 2026): चयनित बच्चों का नामांकन संबंधित आवंटित निजी स्कूलों में सुनिश्चित किया जाएगा।

​कौन हो सकते हैं पात्र? पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों पर एक नजर

​इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने स्पष्ट मापदंड निर्धारित किए हैं। मुख्य रूप से दो श्रेणियों के बच्चे इसके तहत आवेदन कर सकते हैं:

  1. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): वे परिवार जिनकी वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से कम है।
  2. अलाभकारी समूह: इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समूह और दिव्यांग बच्चों को शामिल किया गया है।

आवेदन के लिए जरूरी तैयारी:

अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण शुरू होने से पहले ही जरूरी दस्तावेज तैयार कर लें। इनमें बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, माता या पिता का आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र मुख्य हैं। चूंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, इसलिए इन दस्तावेजों की स्कैन कॉपी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

​सुगम संपर्कता और पारदर्शिता: अभिभावकों के लिए डिजिटल कवच

​बिहार सरकार ने पत्रांक 505 (दिनांक 15.06.2023) के आलोक में इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया है। अब अभिभावकों को किसी भी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। ज्ञानदीप पोर्टल पर आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने की सुविधा भी दी गई है। इसके अलावा, यदि किसी अभिभावक को ऑनलाइन आवेदन में कठिनाई होती है, तो वे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा कार्यालय के सहायता डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।

​शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्रों के निजी विद्यालयों की सूची पोर्टल पर अपडेट करना सुनिश्चित करें। जो विद्यालय इस अधिनियम का उल्लंघन करेंगे या आरक्षित सीटों की जानकारी छिपाएंगे, उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और प्रस्वीकृति रद्द करने तक का प्रावधान है।

​ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की चुनौती

​हालांकि ऑनलाइन प्रणाली ने पारदर्शिता बढ़ाई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच और डिजिटल साक्षरता की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में ‘द वॉइस ऑफ बिहार’ जैसे समाचार माध्यमों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे इस जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाएं। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को निजी स्कूलों में समान अवसर मिलना ही इस अधिनियम की वास्तविक सफलता होगी।

​विशेषज्ञों का मानना है कि आरटीई के तहत होने वाले ये नामांकन बिहार की सामाजिक समरसता को और मजबूत करेंगे। जब एक ही कक्षा में विभिन्न आर्थिक पृष्ठभूमियों के बच्चे साथ बैठेंगे, तो उनमें एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास होगा।

​विभाग की अपील: अंतिम तिथि का न करें इंतजार

​शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से विशेष अनुरोध किया है कि वे अंतिम तिथि (30 अप्रैल) का इंतजार न करें। अक्सर देखा जाता है कि अंतिम दिनों में पोर्टल पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इसलिए, जैसे ही 15 अप्रैल को पोर्टल खुले, अभिभावक अपने बच्चों का पंजीकरण सुनिश्चित कर लें।

​नामांकन प्रक्रिया के दौरान यदि किसी भी स्तर पर त्रुटि पाई जाती है, तो सत्यापन के समय आवेदन निरस्त किया जा सकता है। अतः फॉर्म भरते समय नाम, पता, जन्म तिथि और मोबाइल नंबर की जानकारी बिल्कुल सही भरें। सफल स्कूल आवंटन के बाद अभिभावकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी।

​शिक्षा के इस महाअभियान का हिस्सा बनकर आप न केवल अपने बच्चे का भविष्य बदल सकते हैं, बल्कि बिहार के स्वर्णिम भविष्य के निर्माण में भी योगदान दे सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए सरकार के आधिकारिक पोर्टल http://gyandeep-rte.bihar.gov.in/ को निरंतर चेक करते रहें।

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