
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बंगरा थाना क्षेत्र के डीह सरसौना गांव में चल रही एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा करते हुए पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में अहम सफलता माना जा रहा है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव के एक घर में अवैध तरीके से हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद समस्तीपुर पुलिस, बंगरा थाना और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया।
छापेमारी में मिला हथियारों का जखीरा
छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां से हथियार बनाने का पूरा सेटअप मिला। बरामद सामान में 2 तैयार पिस्टल, 6 मैगजीन, एक अर्धनिर्मित पिस्टल के साथ-साथ कई मशीनें और उपकरण शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल अवैध हथियार बनाने में किया जा रहा था।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें डीह सरसौना निवासी दीपक कुमार सिंह और भागलपुर जिले के सुल्तानगंज निवासी राजेश चौधरी शामिल हैं। दोनों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
बड़े नेटवर्क की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह सिर्फ एक स्थानीय स्तर की फैक्ट्री नहीं, बल्कि एक बड़े अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यहां बनाए गए हथियार कहां-कहां सप्लाई किए जा रहे थे।
आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
समस्तीपुर के एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही, उनके मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
एसपी ने इस कार्रवाई को पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अपराध के खिलाफ सख्त अभियान जारी
बिहार पुलिस लगातार अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है। समस्तीपुर में हुई यह कार्रवाई इसी मुहिम का हिस्सा है, जो आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।


