
परबत्ती इलाके में घेराबंदी कर दबोचे गए विशाल और राजा; 8 ग्राम मादक पदार्थ बरामद, सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने दी पूरी कार्रवाई की जानकारी
भागलपुर। रेशम नगरी भागलपुर में नशे के अवैध कारोबार और युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े रुख और ‘नशा मुक्त भागलपुर’ अभियान के तहत पुलिस की विशेष टीम ने विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परबत्ती इलाके में छापेमारी कर दो शातिर तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है। यह गिरफ्तारी केवल दो व्यक्तियों की पकड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने शहर के भीतर सक्रिय मादक पदार्थों की एक बड़ी सप्लाई चेन और उसके नेटवर्क की पोल खोल कर रख दी है।
6 अप्रैल 2026 की शाम को हुई इस पुलिसिया दबिश ने परबत्ती और आसपास के इलाकों में नशीले पदार्थों का धंधा करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है। सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई इस सफल कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भागलपुर पुलिस अब केवल शराब और हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह स्मैक और ब्राउन शुगर जैसे घातक मादक पदार्थों की जड़ खोदने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
गुप्त सूचना पर बनी रणनीति और परबत्ती में बिछाई गई बिसात
भागलपुर में पिछले कुछ समय से विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र और उसके आसपास के पॉकेट इलाकों में मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की शिकायतें पुलिस को लगातार मिल रही थीं। पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट को 6 अप्रैल को एक पुख्ता सूचना मिली कि परबत्ती के एक खास ठिकाने पर भारी मात्रा में ब्राउन शुगर की खेप पहुंचने वाली है और वहां से इसे छोटे-छोटे पैकेटों में बांटकर स्थानीय युवाओं और छात्रों के बीच खपाया जाना है।
सूचना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आनन-फानन में एक विशेष कार्य दल (Special Team) का गठन किया गया। इस टीम में विश्वविद्यालय थाना के सशस्त्र बल और तकनीकी सेल के अधिकारियों को शामिल किया गया। पुलिस ने अपनी रणनीति को इतना गोपनीय रखा कि स्थानीय स्तर पर किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी। टीम ने सादे लिबास में परबत्ती इलाके की घेराबंदी शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
फिल्मी स्टाइल में पीछा और विशाल कुमार की गिरफ्तारी
जैसे ही पुलिस की टीम परबत्ती इलाके में एक संदिग्ध बिंदु के पास पहुंची, वहां एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में इधर-उधर घूमता नजर आया। पुलिस के जवानों को अपनी ओर आता देख वह युवक घबरा गया और गली के रास्ते भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन वह संकरी गलियों का फायदा उठाकर भागने पर आमादा था। इसके बाद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और फिल्मी स्टाइल में उसे खदेड़ना शुरू किया।
करीब कुछ मिनटों की लुका-छिपी और दौड़-भाग के बाद सशस्त्र बल के सहयोग से उस युवक को चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान विशाल कुमार के रूप में हुई। जब पुलिस ने नियमानुसार विशाल की तलाशी ली, तो उसके पास से एक पुड़िया बरामद हुई, जिसमें गहरे कत्थई रंग का पाउडर था। प्रारंभिक जांच और किट टेस्ट में इसकी पुष्टि ‘ब्राउन शुगर’ के रूप में हुई। बरामद किए गए मादक पदार्थ का कुल वजन 8 ग्राम पाया गया। विशाल की गिरफ्तारी ने इस नेटवर्क की पहली कड़ी को तोड़ दिया।
राजा गोस्वामी की गिरफ्तारी: सप्लाई चेन का मास्टरमाइंड आया पकड़ में
विशाल कुमार की गिरफ्तारी के बाद विश्वविद्यालय थाना में उससे कड़ी पूछताछ शुरू की गई। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और कड़ाई दिखाई, तो उसने अपने पूरे नेटवर्क का राज उगल दिया। विशाल ने बताया कि वह तो केवल एक ‘कैरियर’ और फुटकर विक्रेता है, उसे यह माल बड़े स्तर पर एक दूसरा शख्स मुहैया कराता है। विशाल की निशानदेही पर पुलिस ने इस सिंडिकेट के मुख्य सप्लायर राजा गोस्वामी के खिलाफ जाल बिछाया।
पुलिस ने विशाल के जरिए राजा गोस्वामी को संपर्क कराया और फिर त्वरित छापेमारी करते हुए उसे भी दबोच लिया। पूछताछ के दौरान यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि राजा गोस्वामी ही वह मुख्य कड़ी है जो बाहर से या अन्य बड़े केंद्रों से ब्राउन शुगर मंगवाकर भागलपुर के स्थानीय बाजारों में सप्लाई करता था। राजा गोस्वामी द्वारा ही विशाल कुमार को ब्राउन शुगर की खेप दी जाती थी, जिसे विशाल छोटे-छोटे समूहों में बेचता था। इन दोनों की गिरफ्तारी से पुलिस को यह समझने में आसानी हुई है कि शहर में नशे का यह काला कारोबार किस तरह संचालित हो रहा है।
सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह का बयान और पुलिस की आगामी रणनीति
इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए भागलपुर के सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि पुलिस जिले में अवैध शराब, अवैध हथियार और मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र की यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता है क्योंकि हमने न केवल बेचने वाले को पकड़ा है, बल्कि सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी तक भी पहुंचे हैं।
सिटी एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इन दोनों से मिली जानकारियों के आधार पर शहर के अन्य इलाकों में भी छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि राजा गोस्वामी के पास यह ब्राउन शुगर कहां से आती थी और इस चैन में और कितने लोग शामिल हैं। सिटी एसपी ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशे की खरीद-बिक्री हो रही है, तो वे निडर होकर पुलिस को सूचना दें, उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
विश्वविद्यालय क्षेत्र में बढ़ता खतरा और सामाजिक चिंताएं
विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में ब्राउन शुगर की बरामदगी ने अभिभावकों और शिक्षाविदों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। चूंकि यह इलाका शिक्षण संस्थानों और हॉस्टलों से घिरा हुआ है, इसलिए नशे के सौदागरों के निशाने पर अक्सर युवा छात्र होते हैं। ब्राउन शुगर जैसा घातक नशा एक बार लत बन जाने के बाद न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नष्ट कर देता है, बल्कि उसे अपराध की दुनिया में भी धकेल देता है।
भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना स्थानीय लोगों द्वारा की जा रही है, लेकिन साथ ही यह मांग भी उठ रही है कि पुलिस उन ‘सफेदपोश’ लोगों पर भी नजर रखे जो पर्दे के पीछे रहकर इस तरह के धंधों को संरक्षण देते हैं। 8 ग्राम ब्राउन शुगर की यह बरामदगी भले ही सुनने में कम लगे, लेकिन यह सैकड़ों डोज के बराबर है जो सैकड़ों युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर सकती थी।
आगे की कार्यवाही और पुलिस का संकल्प
गिरफ्तार विशाल कुमार और राजा गोस्वामी को मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उनके मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि नशे की इस कमाई का पैसा कहां निवेश किया जा रहा था। भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में उन अन्य अड्डों पर भी बड़ी कार्रवाई की संभावना है, जहां नशीले पदार्थों का जमावड़ा होता है। फिलहाल, परबत्ती और आसपास के इलाकों में पुलिस की विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है और मुखबिर तंत्र को और अधिक सक्रिय कर दिया गया है ताकि शहर को नशे के इस मकड़जाल से पूरी तरह मुक्त कराया जा सके।


