शहनाइयों की गूंज से पहले बिछी लाश: सीतामढ़ी में बहन की डोली से पहले उठी भाई की अर्थी, प्रेम संबंधों के बीच गहरे षड्यंत्र की आहट

प्रताप नगर में शादी वाले घर में पसरा मातम, प्रेमिका और दोस्तों समेत आधा दर्जन पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज, पुलिस की रडार पर कई संदिग्ध चेहरे

सीतामढ़ी। नियति का क्रूर मजाक कहें या किसी सोची-समझी साजिश का खौफनाक अंजाम, सीतामढ़ी के मेहसौल थाना क्षेत्र में एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में मंगल गीतों की गूंज थी और जहां बहन के हाथों में मेहंदी रचने की तैयारी हो रही थी, वहां सोमवार को मौत की खामोश चीखें सुनाई देने लगीं। शहर के प्रताप नगर मोहल्ले में चंचल सिंह के घर की खुशियां एक पल में मातम के काले साये में तब्दील हो गईं, जब उनके जवान बेटे रूद्र प्रताप सिंह का शव घर के भीतर ही संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ। यह घटना केवल एक आकस्मिक मृत्यु नहीं जान पड़ती, बल्कि इसके पीछे प्रेम, विश्वासघात और रंजिश की एक ऐसी कहानी की बू आ रही है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

​27 अप्रैल की तारीख, जो इस परिवार के लिए खुशियों का पैगाम लाने वाली थी, अब एक कभी न भूलने वाले जख्म के रूप में दर्ज हो गई है। रूद्र प्रताप सिंह, जो अपनी इकलौती बहन की शादी को यादगार बनाने के लिए दिन-रात तैयारियों में जुटा था, अचानक अपनी ही जीवनलीला के संदिग्ध अंत का केंद्र बन गया। इस घटना ने न केवल एक पिता के बुढ़ापे की लाठी छीन ली है, बल्कि एक बहन के सिर से उस भाई का साया भी हटा दिया है जो उसे विदा करने के सपने देख रहा था।

​खुशियों की चौखट पर मौत का तांडव: क्या है पूरा मामला?

​चंचल सिंह का परिवार इन दिनों उत्सव के रंग में रंगा हुआ था। रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो चुका था, हलवाई और टेंट के लिए बुकिंग की जा रही थी और घर का कोना-कोना शादी की चमक से सराबोर था। रूद्र प्रताप सिंह घर का बड़ा बेटा होने के नाते तमाम जिम्मेदारियों को अपने कंधों पर उठाए हुए था। सोमवार की सुबह जब सूरज की पहली किरण प्रताप नगर मोहल्ले पर पड़ी, तो किसी को इस बात का गुमान भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में यहां शहनाइयों की जगह रुदन की आवाजें सुनाई देंगी।

​दोपहर होते-होते घर के एक कमरे में रूद्र प्रताप का शव मिलने की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। जैसे ही परिजनों ने अपने बेटे को निर्जीव अवस्था में देखा, घर में चीख-पुकार मच गई। मोहल्ले के लोग जो कल तक शादी की बधाई देने आ रहे थे, वे आज सांत्वना देने के लिए इकट्ठा होने लगे। शव जिस स्थिति में मिला, उसने पहले ही पल में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है जिसे प्रेम संबंधों की आड़ में अंजाम दिया गया है।

​प्रेम प्रसंग और साजिश की सुई: आधा दर्जन पर प्राथमिकी

​इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक के पिता और परिजनों ने पुलिस के समक्ष जो बयान दिए हैं, वे मामले को एक नया और पेचीदा मोड़ दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि रूद्र प्रताप की मौत के पीछे उसके पड़ोस में रहने वाली प्रेमिका और उसके करीबियों का हाथ है। मृतक के पिता के अनुसार, उनके बेटे को एक साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया है। इस संबंध में मेहसौल थाने में एक गंभीर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसमें प्रेमिका बबली झा, उसकी मां सुचिता झा, और रूद्र के कथित दोस्तों मयंक, आकाश, ऋषि और भजन को नामजद आरोपी बनाया गया है।

​प्राथमिकी में यह उल्लेख किया गया है कि रूद्र और बबली झा के बीच संबंधों को लेकर कुछ समय से तनाव चल रहा था। परिजनों का संदेह है कि इन लोगों ने मिलकर रूद्र प्रताप को किसी बहाने से फंसाया या उसे मानसिक और शारीरिक रूप से ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया जिससे उसकी जान चली गई। पुलिस अब इन तमाम आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है। दोस्तों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वे कौन से राज थे जो रूद्र के साथ इन दोस्तों के बीच दबे हुए थे।

​पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम की चुनौतियां

​घटना की जानकारी मिलते ही मेहसौल थानाध्यक्ष असदुल्लाह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले आक्रोशित परिजनों को शांत कराया और घटनास्थल को अपने नियंत्रण में लिया। फॉरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने कमरे की बारीकी से जांच की। रूद्र प्रताप के शव को कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और उसे पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

​पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना है कि मौत की असली वजह क्या है। क्या रूद्र प्रताप ने दबाव में आकर कोई आत्मघाती कदम उठाया या फिर उसे गला दबाकर या किसी जहरीले पदार्थ के सेवन के जरिए मारा गया? थानाध्यक्ष असदुल्लाह का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और कारण का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है, जिसके कॉल रिकॉर्ड्स और संदेशों की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि मोबाइल के डेटा से रूद्र प्रताप की आखिरी बातचीत और उसके मानसिक तनाव की कड़ियां जुड़ सकती हैं।

​बहन की शादी की तैयारियों पर वज्रपात

​किसी भी घर के लिए वह समय सबसे पवित्र और आनंदमयी होता है जब बेटी की विदाई की तैयारी चल रही हो। चंचल सिंह के घर में भी यही माहौल था। बहन अपनी शादी के जोड़े और गहनों के बारे में अपने भाई से चर्चा करती थी, लेकिन अब उसी घर के आंगन में भाई की अर्थी तैयार खड़ी है। 27 अप्रैल को होने वाली शादी अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है और शादी का वह घर अब पुलिस छावनी और मातम के केंद्र में बदल गया है। मोहल्ले के लोग भी स्तब्ध हैं कि कैसे एक हंसता-खेलता नौजवान अचानक मौत की आगोश में समा गया।

​ग्रामीणों के अनुसार, रूद्र प्रताप एक मिलनसार युवक था और अपनी बहन की शादी को लेकर बहुत उत्साहित था। ऐसे में उसका अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, उनके बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।

​जांच के दायरे में संदिग्ध रिश्ते और डिजिटल साक्ष्य

​सीतामढ़ी पुलिस इस मामले में कोई भी ढील नहीं बरतना चाहती। शहर के बीचों-बीच हुई इस संदिग्ध मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी दबाव बना दिया है। नामजद आरोपियों में शामिल बबली झा और उसकी मां सुचिता झा से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। साथ ही फरार बताए जा रहे दोस्तों की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस का तकनीकी सेल इस मामले में बहुत सक्रिय है। रूद्र प्रताप के सोशल मीडिया अकाउंट्स और पिछले कुछ दिनों की लोकेशन हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि घटना से चंद घंटों पहले वह किन लोगों के संपर्क में था।

​क्या यह मामला ‘ऑनर किलिंग’ का है या फिर प्रेम में मिले धोखे के बाद उपजे विवाद का नतीजा? इन तमाम सवालों के जवाब अभी भविष्य के गर्भ में हैं। लेकिन जिस तरह से एक परिवार की खुशियां शादी से ऐन पहले उजड़ गई हैं, उसने समाज के सामने कई गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं। सीतामढ़ी का यह प्रताप नगर मोहल्ला फिलहाल खामोश है, लेकिन इस खामोशी के पीछे इंसाफ की एक बुलंद आवाज छिपी है जो पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे बहुत जल्द इस गुत्थी को सुलझा लेंगे और जो भी दोषी होगा, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।_

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