
पटना, 06 अप्रैल: बिहार की कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। राज्य के कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय को मखाना वैल्यू चेन के विकास में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिष्ठित गोल्डन पीकॉक इनोवेटिव प्रोडक्ट/सर्विस अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राज्य में कृषि नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान माना जा रहा है।
यह पुरस्कार (आईओडी) द्वारा प्रदान किया जाता है। इस वर्ष के पुरस्कार का चयन पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली जूरी ने किया। संस्था की ओर से 4 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में बिहार के उद्यान निदेशालय को इस सम्मान के लिए चयनित किए जाने की पुष्टि की गई।
मखाना बना ‘ब्रांड बिहार’ की पहचान
बिहार देश में लगभग 85 प्रतिशत मखाना उत्पादन करता है और अब यह उत्पाद राज्य की पहचान बनता जा रहा है। उद्यान निदेशालय ने मखाना की पूरी वैल्यू चेन—उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात—को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी काम किया है।
इन प्रयासों का परिणाम यह हुआ है कि:
- किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है
- उत्पाद की गुणवत्ता और मानक बेहतर हुए हैं
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार के मखाना की मांग बढ़ी है
आज मखाना केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि ‘ब्रांड बिहार’ का नया चेहरा बनकर उभर रहा है।
टीमवर्क और नवाचार की मिली पहचान
उद्यान निदेशालय के निदेशक को इस उपलब्धि के लिए औपचारिक रूप से सूचित किया गया है। आईओडी के डायरेक्टर जनरल ने निदेशालय की पूरी टीम को बधाई देते हुए उनके नवाचार, सस्टेनेबिलिटी और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की है।
नई दिल्ली में होगा सम्मान समारोह
इस प्रतिष्ठित अवार्ड की ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र जल्द ही नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किए जाएंगे। यह सम्मान बिहार सरकार के उद्यानिकी क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर सुधार और नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करता है।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
राज्य के कृषि मंत्री ने इस उपलब्धि को किसानों की मेहनत, सरकार की दूरदर्शी नीतियों और विभागीय टीमवर्क का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मखाना की वैल्यू चेन को मजबूत कर राज्य सरकार उत्पादन से लेकर निर्यात तक किसानों को बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है।
आगे की रणनीति
सरकार अब मखाना की तरह अन्य फसलों और हॉर्टिकल्चर उत्पादों को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य है कि बिहार को कृषि और उद्यानिकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाया जाए, जिससे किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
मखाना वैल्यू चेन पर मिला यह सम्मान बिहार के लिए गर्व का विषय है। यह न केवल राज्य की कृषि क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सही नीति और प्रयासों से पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। आने वाले समय में ‘ब्रांड बिहार’ के रूप में मखाना और मजबूत होकर उभरेगा।


