पूर्व युद्ध पर बयानों से घिरे Donald Trump, अमेरिका में ही बढ़ा विरोध, नेताओं ने उठाए गंभीर सवाल

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को एक महीने से अधिक समय हो चुका है। इस बीच Donald Trump के बार-बार बदलते बयानों और आक्रामक टिप्पणियों के कारण विश्व स्तर पर उनकी आलोचना तेज हो गई है।

इसका प्रभाव United States की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। कई विश्लेषकों का मानना है कि अब ट्रंप के बयानों को गंभीरता से लेना कम हो गया है।


अमेरिकी नेताओं ने जताई कड़ी आपत्ति

अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य Jake Auchincloss ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर सैन्य कार्रवाई का निर्णय असफल रहा है। उन्होंने इसे एक ऐसा उदाहरण बताया, जिसमें एक नेता ने स्वयं युद्ध की शुरुआत की और अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाया।

वहीं सीनेटर Bernie Sanders ने ट्रंप के हालिया बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि अब संसद को हस्तक्षेप कर संघर्ष समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।


अपने ही सहयोगियों ने साधा निशाना

ट्रंप की पूर्व सहयोगी Marjorie Taylor Greene ने भी उनके रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और सरकार को संयम बरतना चाहिए।

इसी प्रकार डेमोक्रेटिक नेता Chuck Schumer ने भी ट्रंप के बयानों को अनुचित बताते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश जाता है।


अंतरराष्ट्रीय छवि पर असर

हाउस विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष Gregory Meeks ने कहा कि इस तरह के बयानों से अमेरिका की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और गलत आकलन का खतरा बढ़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की स्थिति से न केवल कूटनीतिक संबंध प्रभावित होते हैं, बल्कि वैश्विक स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।


 

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