
नई दिल्ली/खाड़ी क्षेत्र: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और समुद्री सुरक्षा जोखिमों के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। एलपीजी लेकर खाड़ी क्षेत्र में फंसा भारतीय जहाज ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है और अब भारतीय जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। इस मिशन में भारतीय नौसेना की सतत निगरानी अहम भूमिका निभा रही है।
एक और जहाज सुरक्षित, अब केवल ‘जग विक्रम’ बाकी
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के अनुसार, हाल के दिनों में भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी का सिलसिला जारी है। इससे पहले ‘ग्रीन सान्वी’ ने भी इस संवेदनशील मार्ग को पार किया था। अब ‘ग्रीन आशा’ के सफलतापूर्वक निकलने के बाद इस क्षेत्र में केवल एक भारतीय एलपीजी कैरियर ‘जग विक्रम’ ही बचा है, जो सुरक्षित मार्गदर्शन के इंतजार में है।
युद्ध के बाद बढ़ा खतरा
28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात बेहद संवेदनशील हो गए थे। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों पर खतरा बढ़ गया, कई जहाजों को रोक दिया गया और कुछ पर हमले की घटनाएं भी सामने आईं। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ा।
भारत की सक्रिय कूटनीति और नौसेना की निगरानी
इन परिस्थितियों में भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय प्रयास किए, वहीं भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाई। इसी का परिणाम है कि एक-एक कर भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से इस मार्ग को पार कर रहे हैं।
अन्य जहाजों की स्थिति
- ग्रीन सान्वी: करीब 46,655 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 7 अप्रैल को गुजरात के दहेज (भरूच) पहुंचने की उम्मीद
- BW TYR: मुंबई के बाहरी क्षेत्र में ‘शिप-टू-शिप’ ट्रांसफर के जरिए माल उतार रहा
- BW ELM: चेन्नई के एन्नोर पोर्ट की ओर मोड़ा गया
- जग वसंत: कच्छ के कांडला बंदरगाह पहुंच चुका
- पाइन गैस: न्यू मैंगलोर में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी की डिलीवरी
खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाज और नाविक
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में:
- 16 भारतीय जहाज फारसी खाड़ी में
- 4 जहाज ओमान की खाड़ी में
- 1 जहाज अदन की खाड़ी में
- 2 जहाज लाल सागर में मौजूद हैं
इनमें हजारों भारतीय नाविक तैनात हैं। अनुमान के मुताबिक पूरे खाड़ी क्षेत्र में करीब 20,000 भारतीय नाविक कार्यरत हैं।
नाविकों की सुरक्षित वापसी
अब तक विभिन्न शिपिंग कंपनियों ने 1,400 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। सरकार लगातार बाकी नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास में जुटी हुई है।
ऊर्जा आपूर्ति पर असर और राहत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। यहां किसी भी तरह का व्यवधान सीधे तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित करता है। ऐसे में भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी देश के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
आगे क्या?
अब सभी की नजर ‘जग विक्रम’ की सुरक्षित वापसी पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि भारतीय नौसेना के मार्गदर्शन में वह भी जल्द इस खतरनाक क्षेत्र को पार कर सुरक्षित भारत लौट आएगा।


