
गया, बिहार: घरेलू गैस आपूर्ति में गड़बड़ी और कालाबाजारी की लगातार शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैस एजेंसियों पर छापेमारी की है। जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनके बाद एक एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
शिकायतों के बाद प्रशासन की सख्ती
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के निर्देश पर मानपुर क्षेत्र में स्थित गैस एजेंसियों की औचक जांच की गई। छापेमारी टीम में सदर एसडीओ, डीएसपी (विधि व्यवस्था) और जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारी शामिल थे।
उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों में यह बात सामने आ रही थी कि मोबाइल पर गैस डिलीवरी का मैसेज तो आ जाता है, लेकिन सिलेंडर घर तक नहीं पहुंचता।
जांच में बड़ा घोटाला उजागर
जांच के दौरान नारायणी इंडियन गैस एजेंसी के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। एजेंसी के ऑनलाइन डेटा के अनुसार जहां 363 भरे हुए सिलेंडर मौजूद होने चाहिए थे, वहीं मौके पर इतने सिलेंडर नहीं मिले।
इसके अलावा खाली सिलेंडरों की संख्या भी रिकॉर्ड से कहीं अधिक पाई गई। जहां 137 खाली सिलेंडर होने चाहिए थे, वहां 486 खाली सिलेंडर मिले। कुल मिलाकर करीब 375 सिलेंडरों का हिसाब नहीं मिल सका, जिससे कालाबाजारी की आशंका मजबूत हो गई है।
संतोषजनक जवाब नहीं दे सका प्रबंधन
जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार, एजेंसी प्रबंधन जांच के दौरान संतोषजनक जवाब देने में असफल रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि गैस सिलेंडरों की अवैध तरीके से बिक्री या हेराफेरी की गई हो सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं के हक में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
FIR दर्ज, सख्त कार्रवाई के संकेत
मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी संचालक के खिलाफ बोधगया थाना में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दूसरी एजेंसी में भी गड़बड़ी
छापेमारी के दौरान श्याम इंडियन गैस एजेंसी में भी अनियमितताएं सामने आईं। यहां उपभोक्ताओं ने केवाईसी प्रक्रिया में देरी और गैस डिलीवरी में विलंब की शिकायत की।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त काउंटर खोलने और 24 घंटे के भीतर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उपभोक्ताओं को राहत के निर्देश
जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना एजेंसियों की जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की लापरवाही या कालाबाजारी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल
इस कार्रवाई के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर लंबे समय से चल रही इस गड़बड़ी पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया। अब प्रशासन की सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।


