
काठमांडू/नेपाल: पेट्रोल और डीजल की भारी कमी से जूझ रहे नेपाल में सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। ईंधन खपत कम करने और आपूर्ति संतुलित रखने के उद्देश्य से अब देश के सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में सप्ताह में दो दिन की छुट्टी लागू की जाएगी।
शनिवार-रविवार रहेगा साप्ताहिक अवकाश
सरकार के फैसले के अनुसार, अब नेपाल में शनिवार के साथ-साथ रविवार को भी सरकारी दफ्तर और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। पहले केवल शनिवार को ही साप्ताहिक अवकाश होता था।
नई व्यवस्था के तहत यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू किया जा रहा है, ताकि ईंधन की खपत में कमी लाई जा सके।
बदला दफ्तरों का समय
सरकार ने सिर्फ छुट्टियों में बदलाव ही नहीं किया, बल्कि कार्यालयों के समय में भी संशोधन किया है। अब सरकारी दफ्तर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे।
इस बदलाव का मकसद कामकाज को व्यवस्थित रखते हुए ऊर्जा की बचत करना है।
क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर नेपाल जैसे देशों पर भी पड़ा है। पेट्रोल-डीजल की कमी के चलते परिवहन, सरकारी कामकाज और आम जनजीवन पर दबाव बढ़ रहा था।
सरकार का मानना है कि दो दिन का अवकाश लागू करने से ईंधन की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर
कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए जरूरी कानूनी ढांचा तैयार करने पर काम कर रही है। इससे:
- ईंधन की खपत घटेगी
- पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा
- नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग में वृद्धि होगी
लोगों को हो रही थी दिक्कत
अब तक स्पष्ट नियमों के अभाव में वाहन मालिकों को पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने में कई तकनीकी और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सरकार इन अड़चनों को दूर करने की दिशा में भी काम कर रही है।
संकट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश
सरकार का कहना है कि यह कदम फिलहाल मौजूदा ईंधन संकट से निपटने के लिए उठाया गया है। आने वाले समय में स्थिति सामान्य होने पर नीतियों की समीक्षा की जाएगी।
फिलहाल सरकार का फोकस ईंधन बचत और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने पर है।


