
कूचबिहार (पश्चिम बंगाल): प्रधानमंत्री ने कूचबिहार में आयोजित जनसभा में तृणमूल कांग्रेस () पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राज्य में बदलाव की लहर होने का दावा करते हुए कहा कि आगामी चुनाव के बाद भ्रष्टाचार और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों से “चुन-चुन कर हिसाब” लिया जाएगा।
“बंगाल में बदलाव की हवा साफ दिख रही”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे पश्चिम बंगाल में जनता का मूड बदल चुका है और लोग अब परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कूचबिहार की रैली में उमड़ी भीड़ इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की जमीन तैयार हो चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि हाल ही में कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड से शुरू हुआ अभियान अब पूरे बंगाल में जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
TMC पर भ्रष्टाचार और ‘सिंडिकेट राज’ का आरोप
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य में “सिंडिकेट राज” और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि आम लोगों में अपनी संपत्ति और सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को “करप्शन से जुड़ी व्यवस्था” बताते हुए कहा कि जनता अब इससे छुटकारा चाहती है और एक भरोसेमंद विकल्प की तलाश में है।
घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर सवाल
प्रधानमंत्री ने राज्य में अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने पर घुसपैठ पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी और अवैध रूप से बसे लोगों पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है और अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं।
“महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”
अपने भाषण में पीएम मोदी ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर चिंता बढ़ी है और भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण दिया जाएगा।
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया।
“4 मई के बाद कानून करेगा अपना काम”
प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव के बाद कानून पूरी मजबूती से काम करेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों।
उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि “इस बार न्याय होगा” और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
तुष्टिकरण की राजनीति पर निशाना
पीएम मोदी ने राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है और समाज में विभाजन बढ़ रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राज्य के भविष्य और विकास को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें।
“बंगाल फिर से विकास की राह पर लौटेगा”
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल एक समय देश के विकास का केंद्र था, लेकिन अब वह पिछड़ गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बदलाव के बाद राज्य फिर से प्रगति के रास्ते पर लौटेगा।
यह रैली आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को गर्माने वाली मानी जा रही है, जहां सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होते नजर आ रहे हैं।


