वैशाली में जमीन विवाद बना हिंसा का कारण: मापी के दौरान दो पक्षों में झड़प, 15 घायल, प्रशासन पर उठे सवाल

वैशाली, बिहार के वैशाली जिले के रुस्तमपुर में जमीन विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। अंचलाधिकारी (सीओ) और पुलिस की मौजूदगी में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई, जिससे पूरा इलाका कुछ देर के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस घटना में दो महिलाओं सहित करीब 15 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जमीन मापी के दौरान भड़का विवाद

जानकारी के अनुसार, रुस्तमपुर थाना क्षेत्र में एक कट्ठा जमीन को लेकर काशी राय और उमेश साह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए शनिवार को चौथी बार जमीन की मापी की जा रही थी।

अंचल प्रशासन की देखरेख में जब सरकारी अमीन जमीन की मापी कर रहे थे, उसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और फिर ईंट-पत्थर चलने लगे।

मौके पर मौजूद प्रशासन बेबस

घटना के दौरान सीओ दीपक कुमार और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वे इसे नियंत्रित नहीं कर सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हालात बेकाबू होते देख कुछ पुलिसकर्मी खुद को बचाते हुए पीछे हट गए।

इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती, तो इस तरह की हिंसा को रोका जा सकता था।

15 घायल, कई की हालत गंभीर

इस झड़प में करीब 15 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कुछ गंभीर रूप से जख्मी लोगों को पटना के PMCH रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है।

घटना के बाद अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिजन घायलों की हालत को लेकर चिंतित हैं।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह खुलेआम पत्थरबाजी और मारपीट हो रही है, जबकि प्रशासन हालात पर काबू पाने में नाकाम नजर आ रहा है।

वीडियो में कुछ लोग प्रशासन पर भी आरोप लगाते सुनाई दे रहे हैं, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।

ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन कटघरे में

घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है। लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं कि जब पहले भी कई बार मापी के दौरान विवाद हो चुका था, तो इस बार पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

जांच की बात, लेकिन सवाल बरकरार

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना यह होगा कि जांच में क्या सामने आता है और प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।

  • ये भी पढ़े..

    लालू प्रसाद यादव की अचानक बिगड़ी तबीयत, IGIMS में कराया गया भर्ती; दो घंटे निगरानी के बाद मिली छुट्टी

    Share Add as a preferred…

    भागलपुर में 18 जुलाई को लगेगी विशेष लोक अदालत, चेक बाउंस मामलों का आपसी समझौते से होगा त्वरित निपटारा

    Share Add as a preferred…